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Varanasi District Jail news: वाराणसी में बंदियों और जिला जेल की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन कड़े इंतजाम कर रहा है। ऐसे में जिला जेल की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा चुस्त दुरुस्त कर दी गई है। यहां जेल की बाउंड्री वॉल को ऊंचा करते हुए इस पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग वायर लगाए गए हैं। जेल की बाउंड्री वॉल कूदने की कोशिश करने वाले लोगों को जेल प्रशासन ने बिजली का झटका देने की तैयारी कर ली है और यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
दरअसल, जेल प्रशासन ने कैदियों के भागने या किसी बाहरी व्यक्ति के बाउंड्री वॉल को कूदकर जेल में प्रवेश करने की घटना को देखते हुए इस पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग वायर लगवाया है, जिसमें 240, वोल्ट का डीसी करंट दौड़ेगा। ऐसे में यदि बाहर से कोई कूद कर जेल के अंदर दाखिल होने की कोशिश करता है या कोई कैदी अंदर से कूद कर जेल से बाहर भागने की कोशिश करता है, तो उसे बिजली का तेज झटका लगेगा।
जिला कारागार के अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जेल की दीवारें ऊंची हैं और इस पर पहले कटीले तार लगाए जाते थे, लेकिन कहीं ना कहीं सुरक्षा में सेंध मारे जाने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि जिला जेल में 830 मीटर लंबे इलेक्ट्रिक फेंसिंग वायर लगाए गए हैं, जिसके कारण कारागार की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा चाक चौबंद हो गई है।
दरअसल, 2026 की शुरुआत में कन्नौज और अयोध्या की जेल से बंदियों के भागने के बाद वाराणसी जिला जेल प्रशासन ने इसको लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा था और वहां से इसकी मंजूरी मिलने के बाद इसे लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के जिलों में अपनाई जाएगी और जेल की चारदीवारी पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और मजबूत होगी।
जिला जेल के अलावा वाराणसी स्थित सेंट्रल जेल में भी इलेक्ट्रिक फेंसिंग वायर लगाए गए हैं और यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जेल अधिकारियों का मानना है कि कारागार की ऊंची दीवारों और फेंसिंग किए जाने के बाद कोई भी इसे पार करने की हिम्मत नहीं करेगा। सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि यही नहीं पूरे जेल परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला कारागार में पहले से ही पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन अब इसकी संख्या और बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला जेल में प्रतिदिन लगभग 200 मुलाकाती बंदियों से मिलने के लिए पहुंचते हैं और ऐसे में वे अपने साथ सामग्री भी लेकर आते हैं। उन सामग्रियों को टोकन देकर झोले में रखा जाता है और जब मुलाकात की बंदी से मुलाकात करता है तो उसे टोकन दे देता है। इस प्रक्रिया को और चुस्त बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किया जा रहे हैं, ताकि कोई भी प्रतिबंधित चीज जेल के अंदर प्रवेश न कर पाए।
Published on:
03 Jun 2026 03:14 pm
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