
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फोटो सोर्स: IANS
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने के वाराणसी स्थित एक परिसर में तीसरी बार आगमन पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किए गए स्वागत के बाद दुर्लभ पांडुलिपियों की संरक्षण प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संरक्षण कार्य का स्थलीय निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को इस काम में गति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना विश्व की तीसरी और भारत की पहली सार्वजनिक परिवहन रोपवे प्रणाली है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोपवे के शेष कार्यों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। यह रोपवे परियोजना करीब 645 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है। इसमें लगभग 220 ट्रॉली कारें होंगी, जिनमें प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे। यह ट्रॉली कारें 45 मीटर की ऊंचाई पर चलेंगी और शहरवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक सुविधाजनक और आकर्षक साधन साबित होंगी।
इस बहुमुखी रोपवे प्रणाली से यात्रियों और माल दोनों का परिवहन संभव होगा, जिससे वाराणसी में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने मौके पर राहत सामग्री वितरित की और बच्चों को चॉकलेट भी दिए। मुख्यमंत्री के हाथों से चॉकलेट पाकर बच्चे खुश होकर हंस पड़े।
Updated on:
30 Aug 2025 07:55 am
Published on:
30 Aug 2025 07:55 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
