
वाराणसी. मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कछवा रोड चौकी प्रभारी सुरेन्द्र यादव व कांस्टेबल प्रवीण यादव की पिटाई के आरोप में जेल भेजे गये फौजी भाइयों को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर फौजी भाइयों के रिहाई के लिए जमकर प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने फर्जी ढंग से दोनों भाइयों को फंसाया है। जेल भेजने से पहले उनकी पिटाई भी की गयी है। मौके पर पहुंचे कैंट इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने लोगों को समझा कर शांत कराया। एसपीआरए अमित कुमार भी वहां पर पहुंचे और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है जिसके बाद ही लोगों ने धरना खत्म किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने फौजी भाइयों के साथ न्याय नहीं किया है इसलिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। देश की सरहदों की रक्षा करने वाले फौजी भाइयों की पहले पिटाई की गयी है इसके बाद उन्हें जेल भेजा गया है। ग्रामीणों ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही फौजी भाइयों को रिहा करने की मांग की है। बताते चले कि 9 सितम्बर को ट्रक के धक्के से सवेसर निवासी मुन्ना यादव घायल हो गया। मौके पर पहुंचे कछवा चौकी इंचार्ज सुरेन्द्र यादव व सिपाही प्रवीण यादव ने घायल युवक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसी बीच मौके पर जम्मू कश्मीर में तैनात थल सेना के शिवशंकर यादव व नेवी के रमाशंकर यादव मौके पर पहुंच गये। किसी बात को लेकर फौजी भाइयों व चौकी इंचार्ज में विवाद हो गया है। मामला बिगड़ कर हाथापाई तक पहुंच गया। चौकी प्रभारी का आरोप है कि फौजी भाइयों ने पहले सरकारी काम में बाधा डाली। विरोध करने पर चौकी प्रभारी व सिपाही की पिटाई की। फौजी भाइयों कहना था कि टक्कर मारने वाली ट्रक को पुलिस छोड़ रही थी जिसका हम लोगों ने विरोध किया। इसके बाद चौकी प्रभारी की तहरीर पर फौजी भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया है। इसके बाद से ही स्थानीय ग्रामीण लगातार फौजी भाइयों की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं अब उनका प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर शुरू हो गया।
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