
बुनकराें की हड़ताल
वाराणसी. पहले की तरह बिजली के फ्लैट रेट की बहाली को लेकर बुनकरों की हड़ताल लगातार 14वें दिन भी जारी है। अपनी मांगों को मनवाने के लिये बुनकर नुक्कड़, सभाओं मानव श्रृंखला और प्रदर्शन आदि रोजाना कुछ न कुछ कर रहे हैं। इस क्रम में मुर्री बंद के 13वें दिन शाम को बुनकरों ने ताली और थाली बजाई। मंगलवार की शाम को पांच बजे बुनकर बाहुल्य इलाकों में ताली-थाली और घंटा की आवाज गूंजती रही। बुनकर बिरादराना तंजीमों और बुनकर नेताओं की अपील पर अपने घरों के बाहर और छतों पर खड़े होकर बुनकर ताली-थाली और घंटा बातजे दिखे।
मंगलवार की शाम पांच बजे से पांच मिनट तक थाली बजाने का आह्वान किया गया था, जिसके बाद जैसे ही पांच बजा बुनकर अपने घरों के बाहर, छतों पर और बारजे पर आ गए और विरोध स्वरूप ताली, थाली व घंटा बजाने लगे। पीलीकोठी, काजी सादुल्लापुरा, दोषीपुरा, बड़ी बाजार, जैतपुरा, आदमपुर, छोहरा, खोजापुरा, नवापुरा, आगागंज, कमलगढ़हा, कच्चीबाग, कटेहर, सरैया, जलालीपुरा, पुरानापुल, शक्कर तालाब, कोनिया, छित्तनपुरा, बजरडीहा आदि बुनकर बाहुल्य इलाकों में थाली-ताली की गूंज सुनाई दी।
उधर बुनकरों के साथ ही बुनकर बिरादराना तंजीमों के सरदार व उनके प्रतिनिधियों ने भी ताली-थाली बजाने में शामिल हुए। चौदहों के सरकार मकबूल हसन, बाइसी के सरदार अब्दुल कलाम, पांचों के सरदार अली अहमद, वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के अध्यक्ष राकेश कांत राय, ज्वाला सिंह, पार्षद ओकास अंसारी, गुलशन अली, साजिद अंसारी, शैलेष सिंह, अकरम अंसारी, जीशान आलम, आफताब आलम, अफरोज अंसारी, राकेश प्रधान समेत लोगों ने भी विरोध स्वरूप ताली-थाली बजायी।
उधर बुनकर साझा मंच की ओर से मंगलवार को आयोजित नुक्कड़ सभा को पुलिस ने रोक दिय। हालांकि कुछ देर बाद सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर सभाएं की गईं। उधर मंच की ओर से मुहल्लों में बेमियादी धरने की भी तैयारी है। नुक्कड़ सभाएं रोके जाने के बाद मंच की ओर से बुनकरों से मास्क व उचित दूरी बनाकर धरना और विरोध आयोजनों में शामिल होने की अपील की गई।
Published on:
28 Oct 2020 12:15 pm
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