
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
कायड़ रोड-सरस्वती नगर में जलदाय विभाग (phed) ‘हादसे’ को न्यौता भी दे रहा है। यहां विद्युत ट्रांसफार्मर के चारों तरफ पानी भरा है। इससे पूरे इलाके में करंट (current) फैलने का खतरा है। हैरत की बात यह है कि विभागीय अफसर टंकी के बजाय पानी जमीन से निकलना बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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कायड़ रोड-सरस्वती नगर में दो भू-जलाशय (GLR) और दो उच्च जलाशय (Over head tank) हैं। विभाग इनसे आसपास की कॉलोनियों में पानी सप्लाई करता है। यहां आए दिन जलाशयों के ओवर फ्लो (over flow) होने से असपास के घरों, सडक़ों-गलियों में भर रहा है। इससे क्षेत्रवासी परेशान हैं। पत्रिका टीम ने मंगलवार को जलदाय विभाग (phed) और क्षेत्र की पड़ताल की। इसमें कई खामियां सामने आई।
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पानी में घिरा ट्रांसफार्मर
विभाग परिसर में उच्च शक्तिा का विद्युत ट्रांसफार्मर (electric tranformer)लगा है। इसके चारों तरफ और परिसर के बाहर भी रोड पर पानी भरा हुआ है। विद्युत ट्रांसफार्मर में करंट आने का खतरा (danger) हमेशा बना हुआ है। विभाग ने ट्रांसफार्मर के आसपास कंटीली झाडिय़ां लगा रखी हैं। पानी को सुखाने अथवा मिट्टी डालकर लेवल ऊंचा करने की जहमत नहीं की गई है।
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नहीं मानते हैं ओवर फ्लो..
जलदाय विभाग क्षेत्र में फैल रहे पानी को ओवर फ्लो (water over flow) नहीं मान रहा। विभाग इसे बरसात के बाद भूजल स्तर बढऩा बताने में जुटा है। वहीं इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण (technical reason) भी सामने आए हैं। दरअसल कायड़ रोड स्थित जलदाय विभाग पुष्कर सप्लाई से जुड़ा है। जलाशय भरने पर कर्मचारी पाइप लाइन में ज्यादा प्रेशर (water pressure) होने से वाल्व बंद नहीं कर सकते हैं। इससे लाइन ब्लास्ट होने का खतरा रहता है।
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तब बंद हो सकता है ओवर फ्लो
विभागीय कर्मचारियों को पानी का ओवरफ्लो (over flow of water) रोकने के लिए माखुपुरा स्थित एसआर टैंक-7 पर सूचना देनी पड़ती है। वहां से सप्लाई बंद (supply curtail) होने के उपरांत ही यह बहाव रुक सकता है। लेकिन तकनीकी अभियंताओं की भारी-भरकम फौज वाला विभाग इसका कायड़ परिसर में समाधान नहीं ढूंढ पाया है।
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