8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अलवर

उत्तराखंड सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने में नौगांव के सचिन चौधरी की अहम भूमिका

उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में गत दिनों फंसे मजदूरों को 17 दिनों बाद एनडीआरएफ की टीम द्वारा सकुशल निकाला गया, जिसमें नौगांवा के एनडीआरएफ जवान ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई।

Google source verification

उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में गत दिनों फंसे मजदूरों को 17 दिनों बाद एनडीआरएफ की टीम द्वारा सकुशल निकाला गया, जिसमें नौगांवा के एनडीआरएफ जवान ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई।

नौगांवा निवासी सचिन चौधरी एनडीआरएफ की 15 बीएन बटाालियन के सदस्य है, जिन्हे टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी मिली। सचिन चौधरी ने पत्रिका को बताया कि एनडीआरएफ की 60 सदस्यों की 2 बटालियनों को 41 मजदूरों को टनल से बाहर निकालने के कमांडेट सुदेश कुमार दराल के नेतृत्व में भेजा गया, ये इसी टीम के सदस्य थे। टनल के अन्दर वो और उनके दो अन्य साथी गये और मजदूरों को खाद्य सामग्री की सप्लाई सहित पाईप को ठीक करने और मजदूरों को बाहर निाकलने का कार्य किया।

12 नवम्बर को इस राहत कार्य के लिए वो घटनास्थल पर अपनी टीम के साथ पहुंचे। इस बचाव कार्य के दौरान उनका 4 बार टनल के अन्दर जाना भी हुआ। सबसे पहले 17 नवम्बर को मशीन का बैरिंग निकालने के लिए गये, 24 नवम्बर को टनल के अन्दर डाला गया पाईप मुड गया, जिसकी कंटिग करने के लिए भी वो अन्य सदस्यों के साथ टनल में गये। 26 नवम्बर को बाहर से आई विशेषज्ञों की टीम के साथ के अलावा मजदूरों को बाहर निकालने के लिए भी अन्दर गये।

इस कार्य के दौरान टीम सहित उन्हे कई विपरीत परिस्थियों का भी सामना करना पडा। सचिन ने बताया कि 18 नवम्बर को तो टनल के में मलबा ढहने के कारण डर की वजह से राहत कार्य में लगे मजदूर तक भाग गये, जिस कारण उनके द्वारा पाईप वैल्डिंग तक का कार्य भी किया। जब मजदूर निकले तब जाकर उनके और टीम के द्वारा राहत की संास ली। मजदूरों ने गले लग कर उन्हे और टीम को धन्यवाद दिया।

सचिन के इस सेवा कार्य को लेकर कस्बा नौगांवा सहित आस-पास के लोग उन्हे और उनके परिवारजनों को बधाई और धन्यवाद दे रहे है। नौगांवा चैयरमैन राजीव सैनी ने बताया कि कस्बें के युवा जवान द्वारा इस तरह का सेवा कार्य हमारे लिए फक्र की बात है।