ढाकपुरी गांव में जल जीवन मिशन के तहत 147 लाख रुपए की स्वीकृति के बावजूद आबादी क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। योजना के तहत 13 अप्रैल 2022 को कार्य शुरू हुआ, लेकिन दो साल बाद भी कनेक्शन नहीं मिले हैं। कई घरों में नल शोपीस बन गए हैं और लोग निजी ट्यूबवेल से पानी भरने को मजबूर हैं। सरपंच सुनीता यादव ने बताया कि केवल दो ट्यूबवेल स्वीकृत हुए हैं, लेकिन उनमें से एक का उपकरण खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सहायक अभियंता जलदाय विभाग मालाखेड़ा हितेश कुमार का कहना है इस गांव के बीच में राइजिंग लाइन बिछाने के लिए रिवाइज्ड ऐस्टीमेट बनाया गया है इसकी स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद लाइन बिछाई जाएगी।
यह भी पढ़ें:
अलवर में 25 बीघा जमीन पर चला बुलडोजर, यूआईटी ने तोड़ी अवैध प्लाटिंग