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बस्सी @ पत्रिका. जयपुर – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर बस्सी चक तिराहा व नायला मोड़ का जाम वाहन चालकों के गले की फांस बनता जा रहा है। हाइवे पर इन दोनों ही स्थानों पर दिनभर जाम की िस्थति बनी रहने से वाहन चालक बेहद परेशान है, यहां पर दिन में बार – बार जाम लगने से वाहन चालक घंटे फंस जाते हैं। इन दोनों ही स्थानों पर जाम से मुक्ति पाने का मात्र एक ही विकल्प पुलिया निर्माण है। पुलिया निर्माण के बाद ही जाम से निजात मिल सकती है।जानकारी के अनुसार बीकानेर – आगरा राट्रीय राजमार्ग जिसको बोलचाल की भाषा में जयपुर – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग ही बोला जाता है। इस सड़क मार्ग पर जयपुर से दौसा के बीच में दिन में बीस से पच्चीस हजार वाहन गुजरते हैं। इस कारण हाइवे दिनभर पानी की तरह बहता रहता है।
कानोता व बस्सी चक पर अतिरिक्त भार, इसलिए लगता है जाम…
जयपुर – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौबीस घंटे में बीस से पच्चीस हजार वाहन गुजरते हैं, लेकिन जयपुर से बस्सी तक की बात की जाए तो इसमें वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। कानोता नायला मोड़ पर जयपुर से नायला की ओर जाने वाले वाहन एवं बस्सी चक पर जयपुर – गंगापुर स्टेट हाइवे पर चलने वाले एवं बस्सी शहर में आने वाले वाहनों के कारण वाहनों का भार बढ़ जाता है। यही कारण है कि हाइवे पर कानोता के नायला मोड़ एवं बस्सी चक पर वाहनों का भार बढ़ जाता है।यातायात पुलिसकर्मी लगे या फिर हो बत्ती सिस्टम…हाइवे पर कानोता मोड़ एवं बस्सी चक पर या तो नियमित रूप से बत्ती सिस्टम लगे या फिर यहां पर नियमित रूप से यातायात पुलिसकर्मी तैनात किया जाना चाहिए। ताकि वाहनों को गुजारा जा सके। हालांकि कानोता थाने के सामने नायला मोड़ पर अधिकांश समय यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहता है, लेकिन बस्सी चक पर कभीकभार यातायात पुलिसकर्मी ही लगाया जाता है।त्योहारी व शादियों के समय रहते हैं हालात खराब…हाइवे पर कानोता के नायला मोड़ व बस्सी चक तिराहे पर त्योहारों एवं शादियों के सीजन में तो दिनभर बार – बार लम्बा – लम्बा जाम लगा रहता है। कई बार तो वाहन आढे़ तिरछे वाहन फंस जाते हैं , इससे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ात है। ( कासं )
भारी वाहन बने बस्सी शहर की आफत…बस्सी शहर में बस्सी चक के अलावा मुख्य बस् स्टैण्ड पर भी हरदम जाम लगा रहता है। जयपुर – गंगापुर स्टेट हाइवे पर बस्सी से तूंगा एवं लालसोट के बीच जितमे भी वाहन चलते हैं, इधर से ही गुजरते हैं। बस्सी चक से या फिर तूंगा की ओर से आने वाले भारी वाहन ट्रक, डम्पर व बसों के कारण चक तिराहा ही नहीं बस्सी शहर में भी मुख्य बस स्टैण्ड पर बार – बार जाम लगता रहता है।पहले बनाई लेकिन गलत जगह बना दी पुलिया…आगरा रोड जब 2005 में फोरलेन बना था, तब कानोता में आधा किलोमीटर आगे बस्सी की और व बस्सी चक की बजाय दौसा की ओर मोहनपुरा में पुलिया बना दी जो कोई काम नहीं आ रही है। यदि उस समय ये पुलिया नायला मोड़ व बस्सी चक पर ही बन जाती तो आज यह नौबत नहीं आती।
पत्रिका टॉक शो भी उठा मुद्दा…बस्सी पर बार – बार जाम लगने से आनी परेशानी का मुद्दा गत दिनों राजस्था पत्रिका के टॉक शो में भी उठाया गया था। शहरवासी एडवोकेट मनीष शर्मा एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य बेनी प्रसाद कटारिया ने कहा था कि बस्सी चक एवं कानोता के नायला मोड़ पर पुलिया बननी चाहिए। (कासं )
वर्जन..दो महीने की बात है, वाहनों का भार कम हो जाएगा…बस अब मात्र दो महीने की बात है। मात्र दो महीने बाद दिल्ली – मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे का बांदीकुई – जयपुर एक्सप्रेस हाइवे चालू हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे पर जयपुर का ट्राफिक चल रहा है। जयपुर – बांदीकुई एक्सप्रेस हाइवे चलने के बाद आगरा रोड पर स्वत: ही वाहनों का भार कम हो जाएगा।- बलवीर सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचआई।