नहरों में पानी रीता तो किसानों की बढ़ी चिंता-video
नोताडा. क्षेत्र की नहरों में दो दिन पहले पानी रीत जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को अब पलेवा करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
रामगंज माइनर अध्यक्ष लखन मीणा, मालिकपुरा के गिरिराज गौतम, धरावण के किसान ब्रह्मानन्द गुर्जर, रघुनाथपुरा के किसान योगेश मीणा, धर्मेंद्र मीणा, राजेन्द्र सैनी, जगदीश गुर्जर, बद्रीलाल गुर्जर खेडिया दुर्जन के रामचरण मीणा आदि ने बताया कि पहले ही नहरों में ठीक से पानी नहीं चल रहा था। इससे पहले की पानी टेल तक पहुंचता। अब दो दिन से तो नहरें बिल्कुल रीत गई हैं। इससे मालिकपुरा, रघुनाथपुरा, नोताडा, खेडिया दुर्जन, रेबारपुरा, पचीपला, डपटा, रामगंज, ढगारिया गांवों के किसानों को पलेवा करने की चिंता सता रही है।
किसानों ने बताया की इस समय कापरेन ब्रांच में पानी शुरू नहीं किया गया तो किसानों को पलेवा के लिए डीजल इंजन चलाना मजबूरी हो जाएगी। महंगा मोल का डीजल जलाकर पलेवा करना पड़ेगा।
जिनके बोरिंग का साधन नहीं है, उन्हें नहरी पानी का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में अब लेट पानी आता है तो पलेवा करके खेत तैयार करने में काफी समय लग जाएगा। इससे गेहूं की बुवाई देरी से हो सकेगी। इसका उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। इसको लेकर रविवार को किसानों ने मालिकपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी के रघुनाथपुरा नाले पर सीएडी विभाग के खिलाफ रोष जताकर नहरों में जल्द पानी पहुंचाने की मांग रखी।
रोटेशन के अनुसार पहले उपर पानी देना था। लेकिन ऊपर के किसान खेत तैयार करके नहीं निपटे थे। पानी नीचे के किसानों को दे दिया था। इससे टेल एरिया में लगभग 30 से 40 प्रतिशत पलेवा हो चुका है। शेष में 12 से 15 नवंबर के बीच पानी चालू कर दिया जाएगा।
देवेन्द्र अग्निहोत्री, अधिशाषी अभियंता