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वीडियो : बड़ी खाटू में महिलाओं ने भरी हुंकार, बोली – धरने पर बैठ सकती हैं तो रेल का चक्का जाम भी कर सकती है
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वीडियो : बड़ी खाटू में महिलाओं ने भरी हुंकार, बोली – धरने पर बैठ सकती हैं तो रेल का चक्का जाम भी कर सकती है

पत्रिका अभियान : बड़ी खाटू में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करने की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से चल रहा धरना, एक्सप्रेस ट्रेन ठहराव की मांग के समर्थन में उतरी खाटू की महिला शक्ति
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बड़ीखाटू (नागौर). एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर बड़ीखाटू रेलवे स्टेशन पर पिछले बारह दिन से चल रहा अनिश्चितकालीन धरने में रविवार को महिलाएं भी शामिल हुईं। महिलाओं ने कहा कि बीस जनवरी को रेलवे को सूचना दी गई थी। तीस जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ, आज बारह दिन से लोग सर्दी में दिन रात धरने पर बैठे हुए हैं। लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। मजबूरन महिलाओं को शक्ति प्रदर्शन के लिए महिलाओं को भी धरने में शामिल होना पड़ा है। धरने पर काफी लोग मौजूद रहे। महिलाओं ने कहा कि नारी शक्ति ने संदेश दिया है कि धरने पर बैठे लोग अकेले नहीं है उनके साथ महिलाएं भी खड़ी हैं।

सुबह से ही महिलाओं का धरनास्थल पर पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं रेलवे की हठधर्मिता के विरोध में घरों में चूल्हे तक नहीं जलाए। आस-पास के गांवों से महिलाएं विभन्न साधनों से धरने में शामिल होने पहुंची। कई महिलाओं ने जोशीले अंदाज में धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब तक एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं हो जाता महिलाएं साथ खड़ी रहेंगी।

बिना साधन के शिक्षा सम्भव नहीं

धरने को संबोधित करते हुए छात्रा रूप कंवर ने कहा कि एक छोटी सी मांग के लिए महिलाओं को आगे आना पड़ा है। पहले कि तरह फिर से एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव यहां किया जाना चाहिए। सोनाली बारूपाल ने कहा कि मातृत्व शक्ति धरने पर पहुंच सकती है तो रेलवे का चक्का जाम भी कर सकती है। अनुराधा भाटी ने कहा कि महिलाएं इस धरने पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव मांग रही है । सरकार को इस पर ध्यान देकर लोगों को राहत देनी होगी। इस मौके पर महिलाओं ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर जोधपुर डीआरएम के नाम स्टेशन मास्टर गणेश मीणा को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सोनू कंवर, मानसी जांगिड , विमला लुणा , यास्मिन बानो, विशाखा टेलर सहित कई महिलाओं ने विचार व्यक्त किए।

42 साल पहले बड़ीखाटू स्टेशन पर दिल्ली मेल का ठहराव बंद करने के निकले आदेश तो बीकानेर सांसद ने करवाए निरस्त

आजादी के पहले से व बाद में वर्ष 1983 तक खाटू (बड़ीखाटू) स्टेशन पर दिल्ली मेल एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव होता था। मार्च 1983 में रेलवे ने बड़ी खाटू स्टेशन पर दिल्ली मेल एक्सप्रेस का 1 अप्रेल 1983 से ठहराव बंद कर अगले स्टेशन बड़ाबरा में ठहराव करने का आदेश जारी किया । मंत्रालय के इस निर्णय का क्षेत्रवासियों और खाटू संघर्ष समिति ने पूरजोर विरोध किया। समिति ने आन्दोलन का रूख अख्तियार कर लिया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष खींवसिंह कोठारी व सदस्यों के इस विरोध का जब बीकानेर सांसद मनफूल सिंह भादू को पता चला तो उन्होंने तुरंत तत्कालीन रेलमंत्री व उप रेल मंत्री मलिकार्जुन से सम्पर्क किया। मंत्री के आदेश पर रेलवे को दिल्ली मेल एक्सप्रेस ट्रेन का बड़ीखाटू में ठहराव बंद करने का आदेश निरस्त करना पड़ा था। लेकिन आज विधायक से लेकर सांसद व मंत्री तक की सिफारिश के बाद भी यहां एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं किया जा रहा।

गहलोत ने लिया था संज्ञान

बडी़खाटू स्टेशन पर दिल्ली मेल एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव बंद करने की जानकारी मिलने पर खाटू संघर्ष समिति के अध्यक्ष खींवसिंह कोठारी ने 1983 में तत्कालीन बीकानेर सांसद मनफूल सिंह भादू और केन्द्रीय पर्यटक मंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था। गहलोत ने पत्र पर तुरंत संज्ञान लेकर रेल मंत्री से बात की। रेल मंत्री के आदेश पर जोधपुर रेलवे मंडल को बड़ी खाटू में दिल्ली मेल एक्सप्रेस रेल का ठहराव यथावत रखना पड़ा था।

जब रूठ गए कोठारी…

दिल्ली मेल का ठहराव बड़ीखाटू में यथावत रहने के बाद तत्कालीन सांसद मनफूल सिंह जब दिल्ली मेल से बड़ीखाटू पहुंचे तो बड़ीखाटू स्टेशन पर खींवसिंह कोठारी व संघर्ष समिति के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सांसद ने दिल्ली मेल से उतरते ही नाराज कोठारी को मनाया और बोले, काश में बड़ीखाटू का नागरिक होता तो सब भावुक हो गए। इस खुशी में सांसद ने चार दिन यहां रूके और कहा मरते दम तक इस स्टेशन पर दिल्ली मेल का ठहराव बंद नहीं होने दूंगा।

पुराने रिकॉर्ड आए सामने

रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव कराने की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे लोगों के साथ पत्रिका ने जब स्टेशन के पुराने रिकॉर्ड जुटाए तो इनमें कुछ पत्र मिले। इनमें दिल्ली मेल ठहराव को लेकर अशोक गहलोत , रामनिवास मिर्धा , तत्कालीन चिकित्सा मंत्री रामदेव बेनीवाल व नाथूराम मिर्धा की ओर से लिखे गए पत्र भी मिले हैं। इन पत्रों में रेल मंत्रियों को बड़ीखाटू स्टेशन के विकास को लेकर लिखी गई मांगों का उल्लेख है।

इस बार पत्रों से नहीं बनी बात तो धरना शुरू

किसी समय बडी़खाटू रेलवे स्टेशन के विकास व समस्या संबंधी सुनवाई डाक से भेेजे गए एक पत्र से हो जाती थी, वहीं आज कई बार जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी सम्भव नहीं हो पा रहा है। कोरोना काल के बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टेशन पर ठहराव बंद होने पर रेलवे विकास समिति के पदाधिकारी पिछले चार वर्षो में कई जनप्रतिनिधियों से मिले पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। मजबूरन क्षेत्र के लोगों को अनिश्चित कालीनन धरना शुरू करना पड़ा।

विदेशी संत भी उठा चुके मांग, दीपेश्वर आश्रम में विदेशों से आते हैं अनुयायी

बड़ी खाटू कस्बे के रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करने की क्षेत्र के लोगों के साथ अब विदेशी लोग भी मांग करने लगे हैं। कस्बे में स्थित दीपेश्वर आश्रम में आने वाले व वर्षों से यहां रहकर साधना करने वाले विदेशी लोगों ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कर चुके हैं। दीपेश्वर शिव बाग आश्रम में पिछले तीस वर्षो से विदेशी लोग रहते हैं। महामंडलेश्वर महेश्वरानन्द महाराज के साथ कई विदेशी लोग आते जाते रहते हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होने से विदेशी लोगों काफी समस्या होती है। विदेशी लोग नई दिल्ली हवाई अड्डा पर उतरने के बाद ट्रेनों के माध्यम सीधे बड़ीखाटू आते हैं।

विदेशियों ने कहा ट्रेन का सफर सुहाना

बड़ीखाटू स्थित आश्रम पहुंचे विदेशी लोगों से जब यह पूछा गया कि सबसे लम्बा अच्छा सफर कौनसा है तो उन्होंने बताया कि ट्रेनों का सफर सुहावना होता है। कनाडा से बड़ी खाटू आश्रम पहुंची विदेशी बुजुर्ग महिला ने बताया कि बड़ीखाटू का विश्व में नाम है। सुबह की शुरुआत हम बड़ीखाटू के नाम से करते हैं सभी विदेशियों ने कहा बड़ीखाटू में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से हमें दिल्ली से जयपुर डेगाना आकर से गाडी किराए करके बड़ीखाटू पहुंचना पड़ता है। यहां दिल्ली की एकप्रेस ट्रेनों का ठहराव हो जाए तो दिल्ली से सीध बड़ीखाटू पहुंचने में आसानी रहेगी।

विदेशी शांति की खोज में आते हैं बड़ीखाटू

बड़ीखाटू में दीपनारायण भगवान के दो विश्व विख्यात आश्रम है। इन आश्रम में तत्कालीन राज्यपाल अंशुमान सिंह , पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , वसुंधरा राजे , उप मुख्यमंत्री दिव्या कुमारी सहित कई केन्द्रीय मंत्री , महामंडलेश्वर , शंकराचार्य आ चुके हैं। पिछले 30 वर्ष से विदेशी लोग यहां भारतीय संस्कृति सभ्यता का प्रचार प्रसार , योग साधना सहित कई गतिविधियों में शामिल होने आश्रम में आते हैं।

इनका कहना है

मेरा रेल मंत्रालय से आग्रह है कि बड़ीखाटू के दीपेश्वर आश्रम में हम 30 वर्ष से रहते हैं। नई दिल्ली या अन्य स्थानों पर जाने के लिए हम लोगों को निजी वाहनों में सफर करना पड़ता है। अगर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बड़ीखाटू में होका है तो साल भर में आने वाले हजारों विदेशियों का सफर आसान होगा।

चन्द्रपुरी, विदेशी संत, हंगरी

बड़ी खाटू भगवान दीपनारायण की नगरी है। यहां से हम काफी ज्ञान प्राप्त करके जाते हैं। विदेशी लोग यहां शांत आनन्दमय जीवन जीने के लिए भजन संध्या व योग साधना करते हैं। वापस हमारे देश जाने को दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से अन्य स्टेशनों पर पहुंचकर सफर करना पड़ता है।

विदेशी संत दत्तात्रय, देश स्लोवेनिया

कितना प्यार बड़ीखाटू कीतनी प्यारी जगह है, हम भक्ति और शांति की खोज में निकले वो मिल गई। बड़ी खाटू में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होने पर आने जाने का सफर आसान होगा।

..विदेशी महिला, देश जॉर्जिया

कोरोना से पहले हम बड़ीखाटू आने के लिए दिल्ली से सीधे बड़ीखाटू ट्रेन के माध्यम से पहुंच गए थे। इस बार एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद होने से किराए की कार करके आश्रम पहुंचे। रेल मंत्रालय से आग्रह है कि बड़ीखाटू में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव करवाए।

रमादेवी, देश स्लोवेनिया