जयपुर। भीलवाड़ा के अरवड़ कस्बे से निकल रहे भीम उनियारा 148 डी मार्ग पर मानसी नदी पर बने पुल के नीचे बने पक्षियों के घरौंदे लोगों का आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मिट्टी की लोद से निर्मित यह घर उनका निवास स्थल हैं, जिसे अबाबील पक्षियों ने अपने नन्हे-नन्हे चोंच की मदद तैयार किया जाता है। मिट्टी की लोदों से निर्मित पक्षियों के घोंसलों की संख्या यहां सैकड़ों में हैं।
पक्षियों की चोंच से निर्मित इन घोसलों का सौंदर्य इतना सुंदर है कि लोग उसकी ओर आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकते। लोग यहाँ पर सेल्फी लेते हुए नजर आते है।गरदन के नीचे सफेद और सिर के ऊपर गहरे केसरी रंग वाले अबाबील पक्षी का मूल रंग काला होता है। ये पक्षी ज्यादा झुंडों में रहना पसंद करती है और विशेष कर अपने प्रजननकाल के लिए इन घोंसलों का निर्माण करती है।
कैसे बनाती है ये अपना घोंसला?
ये पक्षी गीली मिट्टी, कपास और मुंह की लार से घोंसला बनाते हैं। इनके हौसले की मजबूती का अंदाज आप इस बात से लगा सकते हैं कि जिस दीवार या छत पर ये घोसला बनाते हैं, उसका प्लास्टर भले उखड़ जाता है लेकिन घोसले को नुकसान नहीं पहुंचता। मिट्टी की लोदों से निर्मित अबाबील पक्षियों के घोंसलों की संख्या यहां सैकड़ों में हैं।