जयपुर। मानसून में यूं तो कई जगह हालात खराब हो चुके हैं। लेकिन गांवों में स्थिति और भी बेकार है। स्कूलों में पढऩे वाले नौनिहालों के सामने स्कूल तक जाने की ऐसी समस्या है कि उन्हें समझ नहीं आता कि वे क्या करें? एक जगह तो रेल पटरियां पार कर स्कूल जाने की मजबूरी हैं तो दूसरी तरफ घुटनों तक पानी से निकलकर स्कूल जा रही हैं।
ये दोनों ही मामले दौसा जिले के हैं। पिछले दिनों दौसा जिले के ही एक गांव के बालिकाएं रेल पटरियां पार कर स्कूल जाती नजर आई। वहीं अब घुटनों तक के पानी से निकलने की मजबूरी दिखी।
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बुजुर्ग सहारा देकर निकालते हैं स्कूली बच्चों को
मामला दौसा जिले के लवाण क्षेत्र का है। यहां तीन फिट पानी में होकर छात्राएं विद्यालय जाती नजर आई। लवाण में माधोलाई तलाई पर सडक़ पर तीन फीट पानी भरा है। ग्रामीण रोजाना छात्राओं के हाथ पकडकऱ गहरे पानी से निकालते हैं। छात्राएं भी पानी भराव की जगह दूसरी ओर निकलने के लिए ग्रामीणों के इंतजार में बैठी रहती है।
ग्रामीण भी छोटे बच्चों को कंधे पर बिठाकर गहरे पानी से निकालते है। यदि कोई फिर फिसला तो बीस फिट गहरी तलाई में गिरने का है डर रहता है। लवाण नगरपालिका की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।