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पहले बीमा कराया, फिर 1.90 करोड़ क्लेम के लिए पत्नी की कराई हत्या
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पहले बीमा कराया, फिर 1.90 करोड़ क्लेम के लिए पत्नी की कराई हत्या

— मालवीय नगर के हिस्ट्रीशीटर को दी थी 10 लाख की सुपारी, 5.50 लाख दिए एडवांस — पति दहेज प्रताड़ना में हो चुका था गिरफ्तार — हरमाड़ा में 5 अक्टूबर को बाइक सवार ममेरे भाई-बहन की सड़क दुर्घटना में मौत का मामला, सफारी गाड़ी से बाइक को मारी थी टक्कर
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जयपुर

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Devendra Sharma

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Updated: 30 Nov 2022, 6:44 PM IST

जयपुर. हरमाड़ा में 5 अक्टूबर को जिस मामले में ममेरे भाई-बहन की मौत सड़क दुर्घटना होना बताया था, उसमें चौंकाना वाला खुलासा हुआ है। यह हादसा नहीं हत्या की सुनियोजित साजिश थी। महिला की हत्या से पहले पति ने उसका 1.90 करोड़ रुपए का बीमा करवाया। इसके बाद क्लेम के लिए मालवीय नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर को सुपारी देकर हत्या करवाई। आरोपियों ने महिला के साथ उसके ममेरे भाई को भी मार दिया।

डीसीपी वंदिता राणा ने बुधवार को हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि मुख्य अभियुक्त जामडोली स्थित वाटिका कॉलोनी निवासी महेश चन्द्र धोबी उर्फ राजू के अलावा हिस्ट्रीशीटर मालवीय नगर स्थित कुंडा बस्ती निवासी मुकेश सिंह राठौड़, उसका साथी सोनू सिंह व गैटोर रोड निवासी राकेश बैरवा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मुरलीपुरा निवासी राजू व शालु की बाइक सामोद जाते समय सफारी कार से टक्कर मार हत्या कर दी थी। मामले में हिस्ट्रीशीटर के परिचित महेन्द्र व प्रमोद की तलाश जारी है।

शालु का उसके पति महेश चंद्र ने बीमा करवाया था। इसकी 12 वर्ष तक हर छह माह में 29406 रुपए किस्त जमा करवानी थी। महेश ने हत्या से पहले मई में 29406 रुपए पहली किस्त जमा करवा दी थी। दूसरी किस्त आने से पहले ही उसने हत्या का षड़्यंत्र सच दिया। इसको अंजाम देने के लिए मुकेश सिंह को दस लाख रुपए की सुपारी दी। इसके बदले पांच लाख रुपए एडवांस भी दिए।

फुटेज में खाली सड़क, बीमा की मिली जानकारी

एसीपी राजेन्द्र सिंह निर्वाण ने बताया कि दुर्घटना के बाद मृतक राजू व शालु के परिजन ने कोई संदेह नहीं जताया। हरमाड़ा थाना पुलिस मर्ग दर्ज कर अनुसंधान कर रही थी। कांस्टेबल दयाराम ने घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। सड़क पर बाइक एक तरफ जा रही थी। जबकि पीछे से आई सफारी ने बाइक की तरफ जाकर उसे टक्कर मारी। कांस्टेबल दयाराम ने मृतकों के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि कुछ समय पहले ही पति ने एक करोड़ रुपए का बीमा करवाया था। शालु की मौत होने पर एक करोड़ रुपए और सड़क दुर्घटना में मौत होने पर 1.90 करोड़ रुपए पति को मिलेंगे। तब गहनता से अनुसंधान किया गया। पति से पूछताछ की गई तो उसने हत्या करना कबूल लिया। पति की साजिश में शामिल अन्य तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। जबकि दो आरोपियों की तलाश जारी है।

पत्नी से मेलजोल बढ़ाकर उसे लिया विश्वास में

शालू की वर्ष 2015 में महेश चन्द्र से शादी हुई थी। वर्ष 2017 में उनके एक बालिका हुई। इसके बाद महेश आए दिन शालु को परेशान करने लगा। पति की प्रताडऩा के चलते शालु पीहर में रहने लगी। उसने वर्ष 2019 में महेश के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया, जिसमें पुलिस ने महेश को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। वर्ष 2022 की शुरुआत में महेश ने शालु की हत्या की साजिश रची। शालु से मोबाइल पर बातचीत करने लगा और फिर मुलाकात भी बढ़ाई। पत्नी को विश्वास में लिया और उसे कहा कि कुछ माह बाद दोनों साथ-साथ रहेंगे। विश्वास में लेने के बाद महेश ने शालु से कहा कि सामोद बालाजी के मन्नत मांगी है। कहा कि मन्नत तभी पूरी होगी जब शालु बाइक पर 11 बार बालाजी के दर्शन करने जाएगी। इधर हिस्ट्रीशीटर मुकेश से पत्नी की हत्या करने के लिए 10 लाख रुपए सुपारी में सौदा तय किया। मुकेश को 5.50 लाख रुपए अग्रिम दिए। हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए मुकेश ने अन्य साथियों को साजिश में शामिल किया।


राजू के साथ बाइक पर जाने का दबाव बनाया

आरोपी महेश 5 अक्टूबर की सुबह मुरलीपुरा में शालु के घर के नजदीक पहुंचा। वहां से शालु को फोन कर उसके ममेरे भाई राजू के साथ सामोद जाने के लिए दबाव बनाया। शालु राजू के साथ बाइक से निकली तो आरोपी ने उनका पीछा किया और पहले से घात लगाकर बैठे अन्य आरोपियों को हत्या के लिए दूर से ही उनकी पहचान करवाई। वारदात के लिए राकेश की सफारी गाड़ी के साथ दूसरी कार के साथ सोनू सिंह को तैयार कर रखा था। इसके बाद सफारी कार से शालु व राजू के टक्कर मार दी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ घटना के समय लोकेशन पर होना, कॉल रिकॉर्ड, वायस कॉल रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य भी जुटाए हैं। हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज है और सोनू सिंह के खिलाफ 4 प्रकरण दर्ज है।