
जयपुर. पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री और बांदीकुई से दो बार विधायक रह चुके शैलेन्द्र जोशी ने अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में वापसी कर ली है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की मौजूदगी में जोशी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। हालांकि पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी ने कहा कि वह बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल हुए हैं, उनकी बांदीकुई से टिकट को लेकर कोई बात नहीं हुई है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर अगर पार्टी उन्हें बांदीकुई से मौका देगी तो वे चुनाव जरूर लड़ेंगे।
पहले भाजपा और फिर राजपा से लड़ चुके हैं चुनाव
गहलोत सरकार के पहले कार्यकाल में उच्च शिक्षा मंत्री रहे जोशी 2003 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2008 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर जोशी भाजपा में शामिल हो गए और बांदीकुई से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जोशी ने भाजपा छोड़कर 2013 में किरोड़ी मीणा की पार्टी राजपा से चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राजपा के भाजपा में विलय के बाद वे अलग-थलग पड़ गए थे, जिसके बाद से उनके कांग्रेस में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बताया जाता है कि जोशी राजपा के भाजपा में विलय के बाद से ही कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेताओं के सम्पर्क में थे।