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‘छुक-छुक’ का सपना अधूरा…टूटी सडक़े-पानी की किल्लत के बीच हिचकोले खा रहा विकास

देवनगरी कहे जाने वाले सिरोही को सरकार ने साढ़े चार साल में कई सौगातें दी, लेकिन स्थानीय मुद्दों ने इन कामों पर पानी फेर रखा है।

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भुवनेश पंड्या/सिरोही. देवनगरी कहे जाने वाले सिरोही को सरकार ने साढ़े चार साल में कई सौगातें दी, लेकिन स्थानीय मुद्दों ने इन कामों पर पानी फेर रखा है। मेडिकल कॉलेज से लेकर नर्सिंग कॉलेज और इंडोर स्टेडियम निर्माण सहित कई बड़े सपने साकार तो हुए, लेकिन लोगों की नजरों में मुख्यालय का विकास टूटी सडक़ों और घरों में पानी की किल्लत के बीच हिचकोले खा रहा है। बरसों से पाला रेल सेवा का सपना भी आज तक पूरा नहीं हो पाया। ये भी सामने आया कि यहां के लोगों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं है। सिरोही एयर स्ट्रिप का विस्तार भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाया।