5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जालोर
डस्टबीन में डाल दी सीरिंज व सुईं, फर्श पर फेंकी ड्रिप
Play video

डस्टबीन में डाल दी सीरिंज व सुईं, फर्श पर फेंकी ड्रिप

मातृ-शिशु कल्याण केंद्र (एमसीएच) में सुईं लगाने के बाद सीरिंज व सुइयां डस्टबीन में ही फेंके मिले। मरीजों व प्रसूताओं को चढ़ाई गई ड्रिप भी खाली होने के बाद फर्श पर ही फेंक दी गई
Google source verification

जालोर. चाहे अधिकारी आए और कमियों में सुधार लाने के निर्देश देकर चले जाए, लेकिन सरकारी अस्पतालों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। महज एक दिन पहले ही जनस्वास्थ्य निदेशक ने जालोर के जिला अस्पताल एवं मातृ-शिशु कल्याण केंद्र का जायजा लिया था। इस दौरान सामने आई कमियों को सुधारने के निर्देश भी दिए, लेकिन स्थितियां जस की तस ही है। शुक्रवार को मातृ-शिशु कल्याण केंद्र (एमसीएच) में सुईं लगाने के बाद सीरिंज व सुइयां डस्टबीन में ही फेंके मिले। मरीजों व प्रसूताओं को चढ़ाई गई ड्रिप भी खाली होने के बाद फर्श पर ही फेंक दी गई। इससे संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहा, लेकिन जिम्मेदारों को इससे शायद कोई सरोकार नहीं था।

jalore::https://goo.gl/QbscL5::अवैध रूप से अस्पताल चलाने वालों पर करेंगे कार्रवाई
इधर-उधर बिखरी रही सुइयां
प्रसूता वार्ड के बाहर रखे डस्टबीन में न केवल सीरिंज बल्कि सुइयां भी पड़ी मिली। ऑपरेशन थिएटर के सामने रखे डस्टबीन में भी यहीं स्थिति दिखी। यहां डस्टबीन के बाहर ही सीरिंज व इंजेक्शन का तोड़ा हुआ एम्पुल पड़ा था। प्रसूताओं को सुईं लगाने के बाद नर्सिंगकर्मियों ने उपयोग में ली गई सीरिंज व सुइयां यूं ही फेंक दी थी।

jalore:::https://goo.gl/5vni1M:::जालोर को कायाकल्प अवार्ड, 50 लाख का पुरस्कार
पैरों में चूभ सकती है सुईं
प्रसूता वार्ड के बाहर तो सुई लगी एक सीरिंज डस्टबीन के बाहर जूतों के ढेर में पड़ी दिखी, जो किसी को भी चूभ सकती थी। ऐसे में संक्रमण का खतरा बना रहा। संक्रमण फैलने का अंदेशा होने के बावजूद उपयोग में ली गई सामग्री का समुचित ढंग से निस्तारण नहीं हो रहा। ऐसे में अधिकारियों के आदेश भी हवा हो रहे हैं।
औपचारिक साबित हो रहे दौरे
उल्लेखनीय है कि जनस्वास्थ्य निदेशक ने जालोर के अस्पतालों का जायजा लिया था। इस दौरान कमियों में सुधार लाने को लेकर निर्देश भी दिए। वे गुरुवार देर शाम ही यहां से प्रस्थान कर गए थे, लेकिन जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने शुक्रवार सुबह एमसीएच का दौरा किया। इसके बाद वे भी लौट गए, लेकिन दोपहर करीब एक बजे एमसीएच में दिखी स्थिति संक्रमण फैलाने के लिए काफी थी। माना जा रहा है कि अधिकारियों के दौरे भी औपचारिक ही साबित हो रहे हैं।