
जोधपुर. जालेली फौजदार और देवलिया गांव के बीच स्थित घास के मैदान में मंगलवार सुबह क्रेश हुए लड़ाकू विमान मिग-27 की जांच में वायुसेना जुटी हुई है। दुर्घटना के दूसरे दिन भी सेना के तकनीशियिनों ने मलबे की जांच की। मलबे से तकनीकी उपकरणों को अलग किया और अपने कब्जे में लिया। मलबे को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। संभवत: एक दो दिन में मलबा हटा लिया जाएगा। मिग-27 विमान का मलबा बुधवार शाम तक घटनास्थल पर ही पड़ा था। वायुसेना के अधिकारियों व कार्मिकों ने कैंप लगाकर गहनता से उसके मलबे के आसपास व दुर्घटना स्थल को जांचा। वायुसेना ने मामले में कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश दिए हैं इसलिए तकनीशियन हर पहलू से दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह जोधपुर एयरबेस से रुटिन फ्लाइंग पर उड़े मिग-27 लड़ाकू विमान में हवा में ही आग लग गई। पायलट खुद ऑटो इजेक्ट करके बाहर आ गया और खेत में उतरा। विमान उससे करीब 200 मीटर दूर घास के मैदान में गिरने के बाद जलकर खाक हो गया। पायलट सुरक्षित है।