
दिलावरसिंह राठौड़/बेलवा/जोधपुर. जिले के बेलवा में शनिवार को दो पेड़ों को हल्दी लगी और उनकी डोली सजने के साथ ही बैंड की धुन पर बारात भी आई। क्योंकि केतु कल्ला में एक पीपल के पेड़ की अनूठी शादी हुई। पेड़ के विवाह समारोह में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। विवाह स्थल था क्षेत्र का केतु कल्ला, यहां अजयसिंह की ढाणियों में खानूसिंह गोगादेव के घर का आंगन शादी की खुशियों से महक उठा। शादी की सारी रस्में 18 मई की रात को अदा की गईं। पीपल की शादी के लिए पीपल को हल्दी लगाने के साथ वैवाहिक रस्में अदा की गई। शादी में मेहमानों के लिए खास प्रीति भोज की भी व्यवस्था थी। इस अनूठी शादी में पीपल के लिए खानूसिंह के परिवार से सोने व चांदी के जेवरात के साथ कई वस्त्र भी उपहार स्वरूप दिए गए। वहीं आम शादियों की तरह महिलाओं ने मंगल गीत गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस मौके आयोजित भजन संध्या में आकाशवाणी गायक कलाकार पीसी जांगिड़ ने मधुर स्वर में भजन पेश कर अभिभूत कर दिया।
उल्लेखनीय है कि खानूसिंह गोगादेव के घर के आंगन में एक पीपल का पेड़ है। जिसे उन्हे रोज उन्हें पानी पिलाया और सुरक्षा दी। वे उन्हें परिवार का सदस्य मानने लगे। पौधा अब बढक़र पेड़ बन गया है। खानूसिंह व उनके पुत्रों ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पेड़ की शादी कराने का फैसला किया। पेड़ों की सुरक्षा व धार्मिक महत्व का संदेश पहुंचाने के लिए इस शादी समारोह को कराने के लिए तैयार हो गए। बहरहाल क्षेत्र में पर्यावरण जागरुकता को लेकर गांव में पीपल के पेड़ की शादी चर्चा का विषय रही।