कटनी. स्वच्छता शुल्क समाप्त करने, आवास योजना की राशि अतिशीघ्र दिलाये जाने, गरीबी रेखा कार्ड बनाने, जलकर की बढ़ी हुई राशि कम करने, जनता को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने और महापौर को बर्खास्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने नगर निगम के गेट को तोड़कर परिसर के अंदर प्रवेश किया। महापौर शशांक श्रीवास्तव के कक्ष में जमकर नारेबाजी की, इसके बाद आयुक्त कक्ष पहुंचे, वहां आयुक्त के नहीं मिलने कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने बैठ गए। प्रदर्शन डेढ़ घंटे तक चला। इसके बाद एसडीएम बलबीर रमन और उपायुक्त असफाक परवेज को ज्ञापन सौंपा। अल्टीमेटम दिया कि उनकी मांगो पर तीन दिन में अमल नहीं हुआ तो महापौर का घर व अफसरों के बंगले का घेराव करेंगे। कांग्रेसियों के जाते ही नगर निगम में भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे और महापौर के नेमप्लेट पर स्याही फेंके जाने पर विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आयुक्त कक्ष के बाहर बैठकर नारे लगाए, और कहा कि कांग्रेसियों ने महापौर की नेमप्लेट पर स्याही फेंकी है। इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इधर भाजपाईयों की मांग पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष मिथिलेश जैन ने प्रदर्शन की बात स्वीकारी, उन्होंने कहा कि महापौर के नेमप्लेट पर भाजपा के ही किसी दूसरे गुट ने स्याही फेंकी होगी।
महापौर की नेम प्लेट पर फेंकी स्याही
जिस दौरान नगर निगम के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन चल रहा था उस दौरान कुछ कांग्रेस के कार्यकर्ता महापौर कक्ष के सामने गए और महापौर की नेम प्लेट पर काली स्याही फेंक दी। इस कृत्य को कर्मचारी जबतक समझ पाते उसके पहले वे वहां से चंपत हो गए। हालांकि तत्काल बाद एक कर्मचारी ने स्याही को पोछ दिया।
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भाजपाई ने दर्ज कराया विरोध
जैसे ही भाजपा पार्षदों व कार्यकर्ताओं को जानकारी लगी की महापौर शशांक श्रीवास्तव के नेमप्लेट में काल स्याही फेंक दी गई है तो उन्होंने विरोध दर्ज कराया। एमआइसी सदस्य अभिषेक ताम्रकार, आशीष कंदेले, कैलाश जैन, मृदुल द्विवेदी, सतीश पटेल, मयंक गुप्ता, सत्यनारायण सहित अन्य सदस्य आयुक्त आरपी सिंह के कक्ष के आगे एक घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन कर स्याही फेंकने वालों पर कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त अशफाक परवेज की समझाइश के बाद माने।
ये थी प्रमुख मांगें
– महापौर को बर्खास्त किया जाए
– स्वच्छता शुल्क समाप्त किया जाए
– आवास योजना की राशि अतिशीघ्र दिलाई जाए
– गरीबी रेखा कार्ड जारी किए जाएं
– जलकर की बढ़ी हुई राशि कम की जा
– नगर निगम में भ्रष्टाचार बंद किया जाए
भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के स्थानांतरण व उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करने
– कांग्रेस पार्षदों के वार्ड में स्वीकृत कार्यों को अतिशीघ्र कराने व बजट प्रावधान वाली फाइल की निविदा जारी करने
– पूर्व की भांति नगर निगम में पेंशन व सहायता राशि के आवेदन जमा कराई जाएं
गेट तोड़कर घुसे अंदर
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने नगर निगम के गेट को तोड़कर व खोलकर एकाएक कार्यालय के अंदर घुस गए। महापौर शशांक श्रीवास्तव के कक्ष में जमकर नारेबाजी की और फिर आयुक्त के न मिलने पर मुख्य द्वार में धरने पर बैठ गए। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। इसके पहले सिविल लाइन रेस्ट हाउस में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसियों ने रैली निकाली। एसडीएम बलवीर रमन व उपायुक्त असफाक परवेज को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अल्टीमेटम दिया कि यदि तीन दिन के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं होता तो महापौर का घर व अफसरों के बंगले को घेरेंगे।
खास-खास:
– कांग्रेसियों ने गेट की छड़ों को तोड़कर घुसे कार्यालय के अंदर, जमकर किया हंगामा।
– पार्षद व नेता प्रतिपक्ष राजकिशोर यादव के पास रखी थी नगर निगम गेट की चॉबी।
– गेट को खोलकर प्रदर्शनकारी घुस गए अंदर, पुलिस-प्रशासन ने नहीं किया रोकने विशेष प्रयास।
– उग्र प्रदर्शन होने के बाद भी नाम मात्र का था पुलिस बल, आध घंटे पहले से तैनात हो गए थे नजूल तहसीलदार।
– प्रदर्शन में शामिल महिला व पुरुषों ने अधिकारियों पर लगाया आरोप, कहा हर काम के बदले मांगी जाती है रिश्वत।
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पेयजल की बताई समस्या
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिथलेश जैन ने नगर निगम में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि नगर निगम की बीजेपी सरकार और उसके महापौर द्वारा जान बूझकर विकास कार्य को रोका जा रहा है। एसडीएम के आदेश होने के बावजूद गरीब लोगों के गरीबी रेखा के कार्ड नही बनाये जा रहे। शहर की जनता से 360 रुपये प्रतिवर्ष से लेकर 1 लाख 20 हजार रुपये तक स्वच्छता शुल्क वसूल किया जा रहा है। जलकर की राशि 90 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 160 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। शहर की जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, इसलिए ऐसे महापौर को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नही है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष गुमान सिंह ने कहा कि प्रभारी मंत्री के द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद भी स्वच्छता शुल्क को समाप्त नही किया गया है।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव फिरोज अहमद, राकेश जैन, सुनील रांधेलिया, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मौसूफ अहमद, विवेक पाण्डेय, पार्षद राजेश जाटव, राजकिशोर यादव, रमेश सोनी, राकेश द्विवेदी, रजनी सोनी, निशा मिश्रा, पंकज गौतम, रौनक खण्डेलवाल, मनोज गुप्ता, राजा जगवानी, सुजीत द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आमने-सामने
महापौर ने जान बूझकर रोके काम
नगर निगम की बीजेपी सरकार और उसके महापौर द्वारा जान बूझकर विकास कार्य को रोका जा रहा है। एसडीएम के आदेश के बाद भी गरीबी रेखा के राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं। शहर की जनता से 360 रुपये प्रतिवर्ष से लेकर 1 लाख 20 हजार रुपये तक स्वच्छता शुल्क वसूला जा रहा। जलकर की राशि 90 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 160 रुपये प्रतिमाह किया गया। जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। महापौर को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नही है।
मिथिलेश जैन, शहर अध्यक्ष कांग्रेस
कांग्रेसी ही लेकर आए थे स्वच्छता शुल्क
कांग्रेस पार्षर्दों व सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अलोकतांत्रिक तरीके से जो कृत्य किया वह निंदनीय है। सूचना कलेक्टर-एसपी को दी है। गैर मौजूदगी में ऑफिस का दरवाजा खोलकर नारेबाजी करना और फिर नेम प्लेट पर स्याही फेंकने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस के कोई भी ऐसे मुद्दे नहीं हैं जिनपर विचार न किया गया हो। स्वच्छता शुल्क कांग्रेसी ही लेकर आए थे। भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। पुलिस-प्रशासन को भी निष्पक्ष होना चाहिए।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।