2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कटनी
रुपए लेकर सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर ने किया सीजर ऑपरेशन!, देखें वीडियो
Play video

रुपए लेकर सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर ने किया सीजर ऑपरेशन!, देखें वीडियो

- जिला अस्पताल में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला चिकित्सक द्वारा 2 प्रसूताओं से साढ़े 11 हजार रुपये लेकर सीजर ऑपरेशन किए जाने का मामला सामने आया है। - इस मामले के बाद से डॉ. हर्षिता गुप्ता डैमेज कंट्रोल में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार शीला चक्रवर्ती पति शिवचरण चक्रवर्ती निवासी नदीपार को पिछली सोमवार रात 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। - बताया जा रहा है कि दो दिनों तक महिला का प्रसव नहीं हुआ। दो दिन बाद ऑपरेशन करने की जानकारी दी गई। सास कमलाबाई का आरोप है कि डॉक्टर हर्षिता गुप्ता व नर्सिंग स्टॉफ सहित उनकी क्लीनिक की कर्मचारी मधु ने कहा कि शीला का पानी निकल गया है, अब मामला रिस्की हो गया है। रैफर करना पड़ेगा।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Updated: 26 Jul 2019, 12:11 PM IST

कटनी. जिला अस्पताल में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला चिकित्सक द्वारा 2 प्रसूताओं से साढ़े 11 हजार रुपये लेकर सीजर ऑपरेशन किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले के बाद से डॉ. हर्षिता गुप्ता डैमेज कंट्रोल में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार शीला चक्रवर्ती पति शिवचरण चक्रवर्ती निवासी नदीपार को पिछली सोमवार रात 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि दो दिनों तक महिला का प्रसव नहीं हुआ। दो दिन बाद ऑपरेशन करने की जानकारी दी गई। सास कमलाबाई का आरोप है कि डॉक्टर हर्षिता गुप्ता व नर्सिंग स्टॉफ सहित उनकी क्लीनिक की कर्मचारी मधु ने कहा कि शीला का पानी निकल गया है, अब मामला रिस्की हो गया है। रैफर करना पड़ेगा। यदि कुछ रुपये का इंतजाम हो जाए तो हर्षिता मैडम से रुपये की बात कर लेते हैं। इतने में आशा कार्यकर्ता कल्पना दुबे के माध्यम से साढ़े पांच हजार रुपये लिए गए और डॉक्टर ने फिर ऑपरेशन कर दिया। वहीं एक अन्य मामले में सुनीता कुम्हार निवासी झुकेही का ऑपरेशन किए जाने के बदले डॉक्टर हर्षिता गुप्ता द्वारा सह हजार रुपये लिए जाने का आरोप पिलौंजी की आशा कार्यकर्ता गीता चक्रवर्ती ने लगाया है।

 

अस्पताल में सक्रिय है गिरोह
जिला अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं, कुछ महिला चिकित्सकों का गिरोह सक्रिय है। इसमें गर्भवर्ती महिलाओं व मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक में ले जाकर उपचार कराने व मेडिकल से दवा दिलाये जाने का खेल चल रहा है। पूर्व में कई मामले भी उजागर हो चुके हैं। इसके अलावा बुधवार को पत्रिका के हाथ एक अस्पताल की तस्वीर लगी है, जिसमें डॉ. हर्षिता गुप्ता के यहां कि कर्मचारी व आशा कार्यकर्ता कल्पना दुबे शीला के परिजनों से बातचीत कर रही हैं।

 

कॉरपोरेट कंपनी की तर्ज पर तैयार होगा यह कार्यालय, बनेगा मॉल और बिजनेस सेंटर भी, शहर सुंदर होने के साथ करोड़ों रुपए की होगी आय

 

इनका कहना है
डॉ. हर्षिता गुप्ता की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस मामले में महिला चिकित्सक द्वारा रुपए लेकर गर्भवती का ऑपरेशन किया गया है तो जांच कराई जाएगी। मामला में सत्यता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में यदि कोई बाहरी गिरोह सक्रिय है तो उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एसके शर्मा, सीएस।

प्रसूता की सास कमलाबाई द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। मेरे द्वारा ऑपरेशन के बदले कोई रुपये नहीं लिए गए। जिला अस्पताल में मुफ्त में इलाज होता है। द्वेश के कारण आशा कार्यकर्ता गीता द्वारा शिकायत कराई जा रही है।
डॉ. हर्षिता गुप्ता, महिला चिकित्सक, जिला अस्पताल।

 

ट्रेन में यात्रा का बना रहे हैं मूड़ तो जरूर पढ़ें ये खबर: 1 माह के लिए रद्द हुई 2 दर्जन से अधिक ट्रेनें, कई का बदला रूट तो कई हुईं शॉर्ट टर्मिनेट

 

प्रसूता की मौत पर बीएमओ को नोटिस
स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के तेवरी निवासी सपना झारिया नामक महिला की प्रसव के बाद मौत के मामले में प्रसूता को अस्पताल लाने 108 वाहन की सुविधा न मिलने व बहोरीबंद अस्पताल में उसे उपचार न मिलने पर नोटिस जारी हुआ है। कई घंटे बाद कटनी रेफर किये जाने के मामले पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया। इसमें जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी बहोरीबंद बीएमओ को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। वही 108 वाहन के चालक को भी नोटिस भेजा गया है। सीएमएचओ डॉ. एके निगम ने बताया कि बहोरीबंद बीएमओ एस पाठक को पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है कि महिला को आवश्यक उपचार क्यों नहीं मिला। डॉ. निगम ने बताया कि उनके द्वारा मामला संज्ञान में आने पर 35 मिनट के अंदर जॉच कि जिसमें यह पाया गया कि नर्स द्वारा विलंब किया गया था।