
विशाल ने बताया कि उनके पुरखे हिंदू थे। इस्लाम में रहते हुए वह ईद जैसे त्योहार पर जानवरों की क्रूर हत्या देख नहीं पा रहे थे। बकरीद के दिन उन्होंने पूरी रात आंसुओं से बिताई और अपने संरक्षक राजेश सारन से सनातन धर्म में घर वापसी करने की बात कही। इसके बाद वे महादेवगढ़ आए और महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल से संपर्क किया। शनिवार को सतपाल सेन द्वारा विशाल का उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया, जिसके बाद घर वापसी के बाद सनातन यात्रा प्रारंभ हुई।