रिद्धि-सिद्धि के दाता विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आगवानी को भक्त तैयार बैठे है। दस दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर शहर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गणेश स्थापना से एक दिन पूर्व मंगलवार को बाजारों में रौनक दिखाई दी। मूर्तिकारों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोग अपने-अपने घरों एवं पंडालों के लिए गणेश प्रतिमाएं खरीदते नजर आए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी मिट्टी की गणेश प्रतिमा की खरीदी की।
शहर में 126 बड़े पंडालों सहित 250 से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर गणेशजी विराजेंगे। साथ ही साथ सनातन धर्मावलंबियों द्वारा घर-घर में भी गणेशजी की स्थापना होगी। मुंबई की तर्ज पर पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक गणेशोत्सव में पंडालों की सजावट को लेकर मंडलों में होड़ बढ़ी है। इस बार भी कई गणेश पंडालों विभिन्न थीम पर आकर्षक सजावट के साथ विभिन्न रूपों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। मंगलवार को कई गणेश पंडालों में स्थापना के लिए प्रतिमाओं को बुरहानपुर से लाया गया। वहीं, शहर में भी गणेश प्रतिमाओं की खूब बिक्री हुई। प्रशासन की पहल पर इस बार मिट्टी के गणेश प्रतिमाओं की मांग काफी बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोगों ने पुरानी अनाज मंडी सहित शहर में लगी दुकानों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं की खरीदी की।
कलेक्टर ने मिट्टी की प्रतिमा खरीदने का किया आह्वान
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मंगलवार को पुरानी मंडी प्रांगण में स्व सहायता समूहों द्वारा ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं के विक्रय स्टॉल्स का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस दौरान महिला स्व सहायता समूह के स्टॉल से मिट्टी की गणेश प्रतिमा खरीदी। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर केवल मिट्टी व प्राकृतिक रंगों से तैयार ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं ही खरीदकर अपने घरों में स्थापित करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा भी मौजूद थे।