इस मामले में वह जमानत मिलने के बाद से फरार हो गया था। करीब पांच साल से वह बुरहानुपर के पास महाराष्ट्र जिले के रावेर में एक होटल के काम कर रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर प्रधान आरक्षक रफीक खान ने आरक्षक अनुराग कुशवाह के साथ रावेर पहुंचकर होटल से आरोपी अमजद को गिरफ्तार कर लिया।