यूनियन बजट देश की आर्थिक सेहत तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसी से तय होता है कि आम आदमी की जेब पर कितना बोझ पड़ेगा या राहत मिलेगी। आने वाले यूनियन बजट से महिलाओं को काफी अपेक्षाएं हैं। महिलाओं की सबसे बड़ी मांग सरकार से ये है कि बजट में ऐसे प्रावधान हो, जिससे महंगाई घटे, रोजमर्रा के उपयोग वाली वस्तुओं पर टैक्स कम हो।
साथ ही छोटे कारोबार, घरेलू उद्योगों से जुड़ी महिलाएं स्टार्टअप के लिए सस्ते लोन, जीएसटी में राहत जैसी अपेक्षा बजट से लगा रहीं हैं। यूनियन बजट को लेकर पत्रिका कार्यालय में विभिन्न कारोबार, समाजसेवा से जुड़ी महिलाओं की परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने खुलकर अपने विचार रखे। महिलाओं का मानना है कि देश का बजट वित्त मंत्री तय करती है, लेकिन घर का बजट महिलाएं ही बनाती है। महंगाई के कारण घर का बजट भी बिगड़ रहा है। साथ ही अपने परिवार का संबल बनने महिलाएं नए स्टार्टअप भी नहीं कर पा रही है।
घर का बजट सही रहे
हर गृहणी चाहती है कि उसके घर का बजट सही रहे। इसके लिए रसोई गैस, पेट्रोल के दाम, घरेलू उत्पादों की दरें कम होना चाहिए। इन पर जीएसटी कम होगा तो कीमत भी कम हो जाएगी और महिलाएं अपने घर का बजट संभाल सकेंगी।
श्रद्धा पालीवाल, ऑर्ट एंड क्राफ्ट
छोटे कारोबार के लिए वित्तीय सहायता मिले
महिला परिधान के कारोबार से जुड़ी हुईं हूं, मैं चाहती हूं कि कोई भी महिला यदि किसी छोटे कारोबार के लिए आगे आती है तो सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता का प्रावधान होना चाहिए, ताकि वह अपना करोबार आगे बढ़ा सकें।
स्वाति हुमड़, बुटिक संचालक
स्किल डेवलेपमेंट कोर्स हो
मैं हर्बल ब्यूटी प्रोडेक्ट से जुड़ी हूं, कई बार महिलाओं इस काम का नॉलेज तो रखती हैं, लेकिन आगे कैसे बढऩा है, अपने प्रोडेक्ट की मार्केटिंग कैसे करनी है, इसकी जानकारी नहीं होती। इसके लिए स्किल डेवलेपमेंट कोर्स सरकार को कराना चाहिए।
अंजलि खेतानी, ब्यूटी प्रोडेक्ट शॉप
स्वरोजगार से जोडऩे के प्रयास हो
हर महिला आत्मनिर्भर बनना चाहती है। किसी भी छोटे मोटे कार्य से जुडऩे, अपना बिजनेस खोलने के लिए महिलाओं को हर संभव सहायता दी जानी चाहिए। बजट में ऐसा प्रावधान हो कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकें।
सीमा राठौर, बुटिक संचालक
सस्ते लोन, कम ईएमआइ वाले हो
संसद में आने वाले बजट में महिलाओं के लिए लोन में कम से कम ईएमआइ का प्रावधान हो, सस्ते लोन उपलब्ध हो। साथ ही बच्चों की पढ़ाई केलिए एजुकेशन लोन भी सस्ते किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को उच्च शिक्षा दी जा सकें।
संजना खत्री, समाजसेवी
जीएसटी में राहत मिले तो महंगाई कम हो
मैं किचन प्रोडेक्ट के बिजनेस से जुड़ी हूं। मैं चाहती हूं कि घरों में उपयोग होने वाले किचन एप्लायंस में जीएसटी कम की जाए, ताकि बिजनेस आगे बढ़ सकें। अभी 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है, जिससे महिलाएं भी नए उत्पाद नहीं खरीद पाती है।
प्रमिला तोमर, किचन प्रोडेक्ट
ऑनलाइन की बजाए घरेलू मार्केट को बढ़ावा मिले
ऑनलाइन खरीदी के कारण स्थानीय मार्केट में बूम नहीं आ पा रही है। बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि ऑन लाइन खरीदी कम हो और लोकल मार्केट को बढ़ावा मिले। स्थानीय व्यापारी को बढ़ावा देने से मार्केट ग्रोअप होगा।
वंदना खेमानी, होम किचन प्रोडेक्ट
महंगाई कम करने का फैसला लेना चाहिए
रसोई का बजट बिगड़ गया है। दाल, तेल, गैस सब महंगा है। सरकार को महंगाई कम करने वाले फैसले लेने चाहिए। हमें योजनाएं नहीं, नौकरी चाहिए। बजट में ऐसी नीतियां बनें जिससे प्राइवेट और सरकारी दोनों क्षेत्रों में भर्ती बढ़े।
नमिता काले, समाजसेवी