
कोटा. जलदाय विभाग की दरियादिली कहेंगे या नगर विकास न्यास व अन्य संस्थाओं की गरीबी। जो भी हो शहर का विकास करने वाले दो निकाय पानी के साथ जलदाय विभाग का पानी का बिल भी पी रहे हैं। शहर के विकास पर करोड़ों खर्च करने वाले दोनों निकायों पर करोड़ों का बिल बकाया चल रहा है। सूत्रों के अनुसार नगर विकास न्यास पर 40 करोड़ के करीब का पानी का बिल बकाया है, तो नगर निगम भी इस मामले में पीछे नहीं है।
Read More : पानी की जगह पी रहें ‘खून’ का घूँट…
मेला दशहरा मैदान से लेकर निकाय की विभिन्न शाखाओं समेत करीब 7 करोड़ का निगम पानी पी गया, पर बिल का भुगतन नहीं किया। दोनों ही निकायों के महीनों से बिल बकाया चल रहा है। यकीन नहीं होगा पर मानें तो शहर भर के उपभोक्ताओं पर कुल जितना बकाया चल रहा है उसका करीब एक तिहाई बकाया इन दोनों निकायों पर है। सूत्रों के अनुसार अब जलदाय विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की तैयारी कर रहा है।
उपभोक्ता और बकाया-
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग नगर खंड प्रथम में 84 हजार 336 के करीब उपभोक्ता है। खंड के सभी उपखंडों में मिलाकर कुल मिलाकर 78 करोड़ 38 लाख के बिल बकाया चल रहे हैं, वहीं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नगर खंड द्वितीय में 61 हजार 325 उपभोक्ताओं पर 71 करोड़ 06 लाख बकाया हैं।
Read More : Good news : इस स्कीम के तहत बिना ब्याज व पेनल्टी जमा करवा सकते हैं बिजली का बिल….
उद्योग भी नहीं पीछे-
जानकारी के अनुसार नगर खंड प्रथम में आने वाली फैक्ट्रियों पर 375.61 लाख बकाया हैं, वहीं 10 हजार से अधिक बकाया वाले 11 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे उपभोक्ताओं पर विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उनके कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
जिन उपभोक्ताओं पर बकाया चल रहा है, उनसे वसूला जाएगा। इसके लिए सम्बन्धित सहायक अभियंताओं को कार्रवाई के लिए कहा है। सम्बन्धित एजेन्सीज से इस मामले में पत्राचार भी किया जा रहा है। राजस्व के जो टारगेट हैं उन्हें पूर्ण किया जाएगा।परितोष गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग