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ऐसी क्या है मजबूरी की हर बार बढ़ाना पड़ता है तीन kg वेट…
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ऐसी क्या है मजबूरी की हर बार बढ़ाना पड़ता है तीन kg वेट…

अकेली ऐसी भारतीय महिला बॉक्सर 51 kg की केटेगरी के अंदर अपने प्रतिस्पर्धी को हराकर रही वर्ल्ड चैम्पियन । रिंग में मुझे आसानी से नहीं हरा सकता...
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कोटा

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Suraksha Rajora

Dec 09, 2018

कोटा.भारत की दिग्गज खिलाड़ी व छह बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी राजीव गांधी खेल रत्न, पद्म भूषण महिला मुक्केबाज मेरीकॉम रविवार को कोटा आकर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। वे कोटा एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की ओर से प्रतिभा खोज परीक्षा का टैलेंटेक्स पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत करने आई । कार्यक्रम में कक्षा 5वीं से 10वीं तथा 11वीं विज्ञान के टॉपर्स स्टूडेंट्स को 1.25 करोड़ रुपए के पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के कई राज खोले।

 

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वे अकेली ऐसी भारतीय महिला बॉक्सर है जिन्हें समर 2012 के ओलिंपिक में चुनाव किया गया था, उन्होंने 51 kg की केटेगरी के अंदर अपने प्रतिस्पर्धी को हराकर ब्रोंज मैडल जीता। वे कहती है की उनका वेट 48 है लेकिन उनको 51 kg वालो से फाइट करनी पड़ती है जो वाकई चेलेंज है । इसके लिए पूरी तैयारी करती हूँ फिटनेस के साथ प्रेक्टिस पर पूरा ध्यान रखती हूँ ।
उन्होंने कहा की अभी इतनी ताकत और रणनीति बाकी है मुझमे कि कोई रिंग में मुझे आसानी से नहीं हरा सकता। मेरी कॉम ने कहा की उन्हें मीडिया का पूरा स्पोर्ट मिला है ।