मंडला. सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग व शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। बंजर चौक से रैली निकालते हुए एपीसी कार्यालय पहुंचे जहां पदस्थ एपीसी को हटाने की मांग की गई। जीएसयू पदाधिकायों का कहना था कि यहां एपीसी लगभग 10 साल से पदस्थ है। शिक्षा विभाग और आदिवासी कार्य विभाग में भी कुछ अधिकारी लंबे समय से पदस्थ हैं जिनका स्थांतरण किया जाना चाहिए। रैली के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जीएसयू पदाधिकारियों का कहना है कि मॉडल स्कूल छात्रावास सामग्री खरीदी, अधीक्षकों से मासिक वसूली जेम पोर्टल से खरीदी में कमीशन बाजी, निर्माण, मरम्मत, सुदृढीकरण, खेलकूद, ओजस, कौशल विकास, बालिका शिक्षा, आईसीटी शिक्षक प्रशिक्षण, ऑडिट विभिन्न कंपोनेंट्स में भारी भ्रष्टाचार किया जाता है। इनके आतंक और भय से कोई भी शिक्षक इनके विरुद्ध आवाज नहीं उठा सकता है। ज्ञातव्य है कि इनके विरुद्ध मंत्री, विधायक द्वारा शिकायत, तीन बार विधानसभा प्रश्न लग चुका है जिसके कारण मार्च 2022 एवं मार्च 2023 को लोक शिक्षण भोपाल से तत्काल हटाने के आदेश होने के बाद भी इन्हें अब तक नहीं हटाया गया है।
कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों में खरीदी मासिक वसूली कर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मरम्मत, निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग पदस्थ क्षेत्र संयोजक 15 वर्षों से मंडला जिला सहायक आयुक्त कार्यालय में जमे हुए हैं। जिले के आदिवासी छात्रावासों से मासिक वसूली खरीदी, मरम्मत के नाम पर भारी भ्रष्टाचार कर आदिवासी बालक, बालिकाओं का शोषण कर रहे हैं एवं आदिवासी अधीक्षक, अधीक्षिकाओं को हटाने के नाम पर लाखों की वसूली कर शोषण कर रहे हैं। इसके साथ ही मांग की गई है कि जिले के सभी विकासखंडों के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई, हायर सेकंडरी स्कूलों में विषयवार सरकारी शिक्षकों की भर्ती की जाए। जिले में कई शासकीय स्कूलों का भवन जर्जर हो चुके हैं। ऐसी जगहों में नवीन भवन जल्द निर्माण किया जाए। तीन वर्ष के प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त हुए सभी सरकारी शिक्षकों, कर्मचारियों का स्थानान्तरण किया जाए। रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय में बालिका छात्रावास की व्यवस्था की जाए। नारायणगंज, बीजाडांडी, मोहगांव, घुघरी में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना की जाए।
जिले के प्रभारी प्राचार्यों को हटाकर यूडीटी विभाग को नियमित प्राचार्य नियुक्त किया जाए। शिक्षण संस्थानों में छात्र एवं शिक्षा विकास के लिए आवंटित राशि एवं सामग्री का निरीक्षण व सोशल ऑडिट होना चाहिए तथा प्रभारियों का स्थानांतरण किया जाए। जिले के सभी बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबुओं का स्थानान्तरण किया जाए। जीएसयू पदाधिकारियों ने बंजर चौक में पुतला दहन भी किया।