
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। एक अधिवक्ता को 112 पर विवाद की सूचना देना महंगा पड़ गया। पुलिस ने अधिवक्ता को पूरी रात थाने में बैठाए रखा। यह जानकारी जब हिरासत में बैठे अधिवक्ता ने अपने साथियों को दी तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को फोन किया लेकिन अधिवक्ताओं की बात नहीं सुनी गई। इस तरह अधिवक्ता को पूरी रात थाने में बितानी पड़ी।
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इसी मामले काे लेकर बार के पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार काे अधवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे प्रकरण पर रोष जताया और थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएसपी अजय साहनी की गैर मौजूदगी में एसपी क्राइम ने अधिवक्ताओं की बात सुनकर उनको कार्रवाई का अश्वासन दिया।
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पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा ने बताया कि गत रात्रि एक मामूली विवाद थाना सदर बाज़ार के अंतर्गत हो गया था। इसी मामले में अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने 112 को फ़ोन करके बुलाया। इस पर पुलिस अधिवक्ता काे ही पकड़कर थाने ले गई। अधिवक्ता रामकुमार ने बताया कि जब उपरोक्त मामले काे लेकर जब एक अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि इसमें निर्णय लेने का अधिकार एसओ का है।
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रात में ही जानकारी मिलने पर अधिवक्तगण सदर थाने पहुँचे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने एसपी ट्रैफिक से कहा कि अधिवक्ता को रात भर थाने में अवैध हिरासत में क्यों रखा गया। अधिवक्ता की गिरफ़्तारी से पूर्व बार को सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।