नागौर. जिले के प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी शनिवार को केन्द्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत आयोजित आवासीय पट्टे/पॉपर्टी पार्सल वितरण कार्यक्रम में भाग लेने नागौर आए। कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की, लेकिन जैसे ही सवालों की बौछार हुई तो मंत्री खड़े हो गए। मंत्री से पत्रकारों ने जो भी सवाल पूछे, उनके सीधे जवाब देने की बजाए गोलमाल जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है और जनता को लाभ मिल रहा है। जिले सहित प्रदेश में बनाए गए पैनोरमा की सार-संभाल नहीं होने व देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर इसकी जांच करवाई जाएगी और यदि कोई पैनोरमा को नुकसान पहुंचा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जहां से भी अच्छे असिस्टेंट प्रोफेसर मिलेंगे, लाएंगे
पत्रिका सवाल : पत्रिका ने मंत्री से सवाल किया कि नागौर में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुका है। कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने के लिए इंटरव्यू के बाद नियुक्तियां दी, लेकिन ज्यादातर ने ज्वाइन नहीं किया। अब पद कैसे भरेंगे?
मंत्री का जवाब : इस पर मंत्री ने चिकित्सा मंत्री की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि वो इस पर काम कर रहे हैं, एक-दो दिन में जहां से भी अच्छे असिस्टेंट प्रोफेसर मिलेंगे, उन्हें लगाने का काम करेंगे। साथ ही जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की शुरुआत की है, उससे और अच्छे डॉक्टर मिलेंगे। थोड़ा समय जरूर लग सकता है।
हकीकत : नागौर सहित प्रदेश में संचालित राजमेश की मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने के लिए राजमेश ने गत वर्ष इंटरव्यू लिए थे। इसके बाद उत्तीर्ण चिकित्सकों ने जहां ज्वाइन करने की इच्छा जताई, उन्हें जानबूझकर दूसरे जिलों में नियुक्तियां दी गई, जिसके चलते अधिकतर असिस्टेंट प्रोफेसर ने ज्वाइन नहीं किया। अब राजमेश को या तो वेटिंग लिस्ट निकालनी पड़ेगी या फिर इंटरव्यू वापस करवाने पड़ेंगे।
पत्रिका सवाल : नागौर-जोधपुर रोड को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर का काम समय पर नहीं हुआ, ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की? इसको लेकर पिछली बार जब आपसे सवाल पूछा तो आपने अधिकारियों से पूछकर बताने के लिए कहा।
मंत्री का जवाब : हां, इस पर काम चल रहा है, जोधपुर से नागौर तो है ही, जयपुर तक एक्सप्रेस-वे बना रहे हैं। मोटा-मोटी उसके टेंडर हम बहुत जल्द कर रहे हैं, एलाइमेंट भी लगभग फाइनल कर चुके। इस प्रकार प्रदेश में कुल 9 एक्सप्रेस वे बना रहे हैं। बहुत जल्द उनकी डीपीआर आ जाएगी। आने वाले दिनों में प्रदेश का कोई भी जिला ऐसा नहीं रहेगा, जो इन एक्सप्रेस-वे से नहीं जुड़ेगा।
हकीकत : जिस ठेकेदार ने नागौर-जोधपुर फोरलेन की डीपीआर बनाने का काम लिया था, उसे जनवरी 2024 में काम पूरा करना था, लेकिन उसने 62 प्रतिशत नीचे की दर पर काम लेकर अटका दिया। इसके कारण 1400 करोड़ का प्रोजेक्ट अटक गया। यदि समय पर डीपीआर तैयार होती तो पिछले साल फोरलेन की स्वीकृति मिल सकती थी।