3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

वीडियो में देखिए : ज्ञापन दे-देकर थक चुके ग्रामीणों ने अधिकारियों को जगाने के लिए अपनाया अनूठा तरीका, कलक्ट्रेट में बांधी ज्ञापनों की बंदरवार

ढोल बजाते हुए पहुंचे कलक्ट्रेट, गोचर जमीन बचाने के लिए मांगी अनशन की अनुमति

Google source verification

नागौर. जिले के गुड़ला से हरीमा तक स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को राजस्व (कटाणी) रास्ता पर बनाने व गोचर जमीन बचाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को अधिकारियों का ध्यान आकर्षण करने के लिए अनूठा तरीका अपनाया। गुड़ला व मालगांव के ग्रामीण ढोल बजाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे तथा पिछले आठ महीने में उनकी ओर से दिए गए 40-50 ज्ञापनों की प्रतियां एक धागे में पिरोकर ‘बंदरवार’ के रूप में कलक्ट्रेट के पार्क की रैलिंग पर टांग दिए। ग्रामीणों ने मंगलवार को सौंपे ज्ञापन में बताया कि वे मई 2024 से लगातार जिला प्रशासन को गुड़ला से हरीमा तक बन रही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को मालगांव से पहले गुड़ला की तरफ राजस्व रास्ता पर बनाने व गोचर जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं, इसके बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क को कटाणी रास्ता खसरा संख्या 404 को छोड़कर पास पड़ी गोचर जमीन में बनाकर गोचर जमीन के दो टुकड़े करने पर आमदा हैं। इसके विरोध में ग्रामीण 13 फरवरी से अनिश्चितकासलीन क्रमिक भूख हड़ताल करना चाहते हैं, इसकी अनुमति दी जाए। ज्ञापन देने के दौरान ग्रामीण शैतानाराम, कैलाश, हीराराम, डालाराम, कपिल, प्रेमाराम, हरदीनराम, प्रेमाराम, किशनाराम, सीताराम, दिनेश, रामेश्वर, बाबूराम, मदनराम, लिखमाराम, देदाराम सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कटाणी रास्ते से सड़क का निर्माण नहीं होगा, तब तक वे अनशन पर बैठे रहेंगे। ग्रामीणों ने ज्ञापन की कॉपी कलक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार को भी सौंपी है।