
पाली। सरकारी स्कूलों के नाम पर सरकार करोड़ों रुपये का खर्च कर ही है। लेकिन कई स्कूल भवन को तरस रहे हैं। बारिश के दिनों में बच्चों को बैठने तक की जगह नहीं है। इसके चलते खुले आसमान के नीचे बच्चों का भविष्य संवर रहा है। वहीं सरकार के नामाकंन बढ़ाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ऐसा नजारा सुमेल ग्राम पंचायत के घाटी वाला गांव के राजकीय स्कूल में देखने को मिल रहा है।