
चैनराज भाटी
पाली। प्रदेश की जेलों में बंद 62 विदेशी नागरिकों पर जेल प्रशासन की विशेष निगाह है। इनकी सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है। इनकी सुरक्षा व जरूरतों को पूरा करने में भाषा सबसे बड़ी समस्या सामने आ रही है। इसके लिए जेल प्रशासन कोई तोड़ निकालने के प्रयास में है। इधर, इनसे होने वाली कॉल पर भी निगरानी रखी जाएगी। इनमें 19 कैदी पाकिस्तान के हैं। इन कैदियों को अलग सुरक्षा घेरे में रखने के निर्देश दिए गए हैं। चुनावी सीजन में जेल के इस कोने में किसी भी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए अभी से ही सुरक्षा के कड़े प्रबंध करना शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश की सभी बड़ी जेलों में कुल 62 विदेशी नागरिक बंद है। इनमें कई बंदी विचाराधीन है तो कई सजायाफ्ता। इन बंदियों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बनकर सामने आ रहा है। प्रदेश की जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर सहित अन्य बड़ी जेलों में इन विदेश नागरिकों की सुरक्षा को कड़ा करने को कहा गया है। बंद विदेशी नागरिकों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नाइजीरिया, अमरीकन नागरिक अधिक है। इन बंदियों की सुरक्षा सहित अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए जेल प्रशासन को इनकी भाषा के कारण दिक्कतें आ रही है। नाइजीरिया सहित अन्य देशों के नागरिकों के साथ यह समस्या अधिक हो रही है। जेल प्रशासन इनसे इशारों में ही बात कर इनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता है। इन सभी नागरिकों को जेल के अलग सुरक्षा घेरे में रखा जा रहा है।
इंटरनेशनल कॉलिंग पर नजर
जानकारों की माने तो गत चार माह पूर्व जोधपुर सेंट्रल जेल में मिले मोबाइल से इंटरनेशनल कॉलिंग जैसी घटनाओं के बाद इन कैदियों व बंदियों की कॉलिंग पर भी एजेंसियों की निगरानी रहेगी। जोधपुर में हुए प्रकरण की जांच भी जारी है।
अभी विशेष सुरक्षा
जेल में विदेशी नागरिक है। उनकी सुरक्षा व जरूरतों पर विशेष ध्यान रखा जाता है। अलग सुरक्षा घेरे में इनको रखा जा रहा है। -कैलाश त्रिवेदी, जेल अधीक्षक, जोधपुर सेंट्रल जेल।