
पाली/आऊवा। निकटवर्ती बांता में रेलवे स्टेशन की मांग को लेकर रविवार को भी ग्रामीण अड़े रहे। राजस्थान पत्रिका में रविवार को खबर प्रकाशन के बाद मारवाड़ जंक्शन विकास अधिकारी नवीन कुमावत, थानाधिकारी माया पंडित ने ग्रामीणों से समझाइश की।
ग्रामीणों का कहना था कि बारिश में यह गांव टापू बन जाता है। एकमात्र सहारा रेलवे स्टेशन ही है। गांव के मुख्य रास्तों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर स्टेशन दो, वोट लो का संदेश दिया गया। अधिकारियों नें ग्रामीणों से दो घंटे समझाइश की और मतदान के लिए राजी किया। ग्रामीणों का कहना था कि चुनाव के बाद इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं का बहिष्कार किया जाएगा। सरपंच समुन्द्रसिंह बांता ने रेलवे स्टेशन की मांग को जायज बताया और ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने की अपील की।
ग्रामीणों ने मानी बात
ग्रामीणों की समस्या सुनी। मांग जायज थी। आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए। ग्रामीणों की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। -नवीन कुमावत, विकास अधिकारी, मारवाड़ जंक्शन
मतदान करने की अपील है
ग्रामीणों से समझाइश कर मतदान करने की अपील की गई। साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से ग्रामीणों ने अपनी मांग रखी। ग्रामीण मतदान को राजी हो गए हैं। -माया पंडित, थानाधिकारी मारवाड़ जंक्शन।