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VIDEO : न्यायालय का आदेश मानने को तैयार नहीं ये लोग, पढि़ए पूरी खबर
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VIDEO : न्यायालय का आदेश मानने को तैयार नहीं ये लोग, पढि़ए पूरी खबर

-लाखोटिया तालाब को पाटकर बनाई कच्ची सडक़ का मामला-जाम लगाने वालों में अधिकांश टैंकर चालक
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पाली

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Suresh Hemnani

Nov 01, 2018

पाली। लाखोटिया तालाब को लगातार पाटकर चार हिस्सों में बांट दिया गया है। रामनगर क्षेत्र स्थित किन्नर घाट को पाटकर लाखोटिया उद्यान के सामने तक अवैध कच्चा रास्ता बनाया गया है। कलक्टर के आदेश पर इसे तोडऩे की कार्रवाई शुरू होने से नाराज कुछ लोगों ने गुरुवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे भैरूघाट पर जाम लगा दिया। उनके समर्थन में वहां पहुंचे भाजपा के कुछ पार्षदों के साथ पार्षद प्रतिनिधि भी पहुंच गए। वहां धरने पर बैठे करीब 20-25 जनों के साथ उन्होंने कलक्टर के मौके पर आकर सडक़ नहीं तोडऩे का आदेश देने तक जाम नहीं खोलने की बात कही। वहां मौजूद पार्षद प्रतिनिधि शिवप्रकाश प्रजापत ने कहा कि इस तालाब का आज की तारीख में कोई औचित्य नहीं है। पेयजल के लिए इस पानी का उपयोग तक नहीं किया जाता है। यह केवल बरसात के दौरान ही भरता है। यहां हाइकोर्ट के आदेश के बाद दो ओर रास्ते बने हैं, लेकिन उसे कोई नहीं तोड़ रहा। इस कच्ची सडक़ को ही तोडऩे का आदेश दिया गया है।

तीन घंटे तक लगा रहा जाम
भैरूघाट पर पहले टैंकर चालकों के साथ चंद बच्चे और पांच-सात अन्य लोग ही धरने पर बैठे और जाम लगाया। इसके बाद संख्या कम देखकर पार्षदों ने अन्य लोगों को बुलाने पर कहा। इस पर दस-बारह बुजुर्ग महिलाओं को वहां बुलाकर बैठाया गया। जबकि वहां के दुकानदारों से भी विरोध का समर्थन करने का कहकर दुकानों के शटर आधे बंद करवाए गए। यहां साढ़े ग्यारह बजे लगा जाम ढाई बजे खोल जा सका। इस बीच कई बार वाहन चालकों से जाम लगाकर बैठे लोगों की बहस भी हुई।

पहले पहुंचे तहसीलदार फिर एसडीएम
जाम की सूचना पर पहले पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसे बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन पार्षद व जाम लगाकर बैठे लोग कलक्टर को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए। इसके कुछ देर बाद एसडीएम महावीरसिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने न्यायालय के आदेश की पालना में सडक़ तोडऩे का हवाला देते हुए कलक्ट्रेट चलकर बात करने का प्रस्ताव रखा। जिसे पहले तो पार्षदों ने ठुकरा दिया, लेकिन बाद में मान गए।