प्रयागराज. अब फॉरेन लैंग्वेज के बढ़ते बाजार के कारण युवाओं का रूझान फॉरेन लैंग्वेज की तरफ बढ़ रहा है। आज युवा विदेशी भाषा सीखकर करियर को नई दिशा दे सकते हैं । फॉरेन लैंग्वेज के जानकार टूर ऑपरेटर, व्याख्याकार से लेकर अनुवादक के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। फॉरेन लैंग्वेज में सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा, तीन साल और पांच साल का कोर्स किया जा सकता है । जर्मन, चाइनीस, रसियन और फ्रेंच की आज काफी डिमांड है । फॉरेन लैंग्वेज में क्या कोर्स है और क्या संभावनायें हैं, इस मुद्दे पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पीसी सिंह ने विस्तार से जानकारी दी।
BY- PRASOON PANDEY