shri krishna janmashtami राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर श्रीकृष्ण के जन्म की सूचना 21 तोपों की गर्जना से दी जाती है। कान्हा के जन्म पर नर और मादा नाम की दो तोपों से 21 बार गोले दागकर सलामी दी जाती है। यह परंपरा 17 वीं शताब्दी से चली आ रही है। मेवाड़ महाराणा राजसिंह के समय प्रभु के सम्मान में पहली बार 21 तोपों की सलामी दी गई, जो अब तक निरंतर जारी है।
21 तोपों की गर्जना
रात 12 बजे जैसे ही मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं तो नंद के घर आनंद भयो का जयघोष गूंज उठता है। उसी क्षण 21 तोपों की गर्जना धरती और गगन को गुंजायमान कर देती है। हजारों श्रद्धालु इस दृश्य के साक्षी बनने नाथद्वारा पहुंचते हैं। इस दौरान ना सिर्फ मंदिर परिसर बल्कि पूरे नगर में ही भारी भीड़ होती है। हवेली और मार्गों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। इस दौरान पूरा नगर ब्रज जैसा दिखाई देता है।
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