नीमच। जिले के मनासा शहर में सोमवार को संगीतमय नानी बाई का मायरा कथा के अंतिम दिन जया किशोरी के मुखारविंद से संगीतमय नानी बाई का मायरा कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ सोमवार को मंदसौर रोड स्थित सारसी फंटे पहुंची जिसके कारण पंडाल भक्तो से भर गया। कथा आयोजक अरोरा परिवार के संजय अरोरा ने बताया कि संगीतमय नानी बाई का मायरा कथा दिनांक 30 दिसंबर से शुरू हुई थी जिसका समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन व्यास पीठ से कथावाचक जया किशोरी ने भगवान भक्त नरसी की पुत्री नानी बाई के मायरा भरने के लिए मायरे के साथ पहुंचे जिसमे जेवरात, मिठाइयां, कपड़ों से लदी हुई बेल गाड़ियों को देखकर नानी बाई के ससुराल सहित गांव वाले चकित रह गए, इतना अद्भुत मायरा सेठ साहूकार भी नहीं भर सके जितना अद्भुत और विशाल मायरा भक्त नरसी के लिए भगवान स्वयं लेकर पहुंचे। नानी बाई के मायरे के अंतिम दिन भक्त भगवान राम और कृष्ण के भजनों पर झूम झूम कर नाचते हुए मायरे की रस्म अदा की गई समूचा गांव इस अद्भुत मायरे को देखने के लिए उमड़ पड़ा, नानी बाई के मायरे की समाप्ति के बाद भक्तों ने नम आंखों से नानी बाई का मायरा कर रही जया किशोरी को नम आंखों से विदा दी।