श्रीगंगानगर. करीब दस दिन पहले केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र गांव 42 जीजी में फर्जी पुलिस दल बनकर डकैती की वारदात करने वाली गैँग का पुलिस ने फर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने अन्तर्राज्जीय गैंग के तीन आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक डा. अमृता दुहन ने एसपी ऑफिस में इस प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि 18 अक्टूबर की रात्रि को गांव 42 जीजी में परिवादी गुरचरणसिंह के घर पर अज्ञात आरोपियों द्वारा लूट और डकैती की घटना थी। इस मामले में रायसिंहनगर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भंवरलाल के सुपरविजन में स्पेशल टीम गठित कर मुख्य आरोपी पंजाब के जगरावा मंडी के रहने वाले बलजिन्द्र सिंह, बलजिन्द्र सिंह का बेटा सर्वजीत सिंह और उसका धर्मभाई सुरेन्द्र कुमार को दिल्ली से दस्याब किया गया है। इस वारदात में कुल छह आरोपी शामिल थे, इसमें तीन काबू में आ चुके है लेकिन तीन फरार आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी है। एसपी ने बताया कि इस गैँग के छह सदस्यों का सुराग देने वाले को दस दस हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया था। एसपी के अनुसार यह गैंग लूट, डकैती, हत्या, हत्या का प्रयास आदि प्रकार के अपराध कारित करती है। ये गाडियो को किराये पर लेकर अपनी टीम के सदस्यो के साथ अन्य राज्यो में लूट व डकैती की घटनाओ को अंजाम देते है, जिसके विरुद्ध राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में लूट, डकैती, हत्या, हत्या का प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने के 40 प्रकरण दर्ज है।
परलीका बैंक डकैती में यह संलिप्त रहा अपराधी
मुख्य आरोपी बलजिन्द्र सिंह शातिर अपराधी है। हनुमानगढ़ के नेाहर क्षेत्र गांव परलीका बैँक डकैती में भी शामिल रहा है। वह छह बार पुलिस व जेल कस्टडी से फरार हो चुका है। इस अपराधी के अपराध करने का तरीका अलग है। नकली पुलिस कार्मिक या अफसर बनकर पीडि़तों को धमकता है और लूटपाट की वारदात करने के बाद वहां से आसानी से भाग जाता है। इस मामले में भी स्कोर्पियों गाड़ी पर सवार होकर छह जनों के साथ आया था। लेकिन मुख्य मार्गो की बजाय गांवों के कच्चे रास्तों से वह पंजाब, हरियाणा होते हुए दिल्ली भाग गया।
तब बनाई वारदात की यह प्लानिंग
एसपी ने बताया कि परिवादी के परिवार का गांव के ही बॉबी नामक युवक से झगड़ा हुआ था। यह बॉबी पंजाब के जगरावा में मुख्य आरोपी बलजिन्द्र सिंह के बड़े बेटे के साथ फास्ट फूड की दुकान संचालित करता है। ऐसे में इस परिवार की गांव 42 जीजी में आवाजाही हो गई। दस अक्टूबर को बॉबी ने परिवादी परिवार के बदला लेने के लिए मुख्य आरोपी और उसकी गैंग के साथ डकैती का षडयंत्र रचा। गांव में एंट्री करने के लिए मुख्य मार्गो की बजाय आसपास गांवों के बीच में से कच्चे रास्ते से आवाजाही का तरीका बताया। इस बॉबी ने यह भी बताया कि गांव में परिवादी अपनी पत्नी के साथ रहता है। सबसे ज्यादा धनाढय है, मोटा माल मिल जाएगा। इस बात को लेकर डकैती का यह खेल रचा गया। इसके लिए किराये की स्कोर्पियों ली गई जिसके नम्बर भी नकली लगा दिए गए ताकि पुलिस ट्रेस नहीं कर पाए।
इन टीमों ने तीन सौ किमी के दो सौ सीसीटीवी कैमरे खंगाले
एसपी ने बताया कि करणपुर सीओ संजीव चौहान, समेजा कोठी सीआई कृष्ण कुमार, केसरीसिंहपुर सीआई बलवन्त राम, गजसिंहपुर के हरबंस सिंह, एसआई रामेश्वर लाल की टीमों ने पच्चीस अधिकारियेां और कार्मिकों के साथ घटनास्थल गाँव 42 जी जी से लेकर केसरीसिंहपुर, पदमपुर, चूनावढ, मटीलीराठान, हिन्दूमलकोट, जवाहरनगर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरो को लगातार चैक किया। इसके बाद पंजाब में अजीमगढ, अबोहर, मलोट, जगरावा तक करीब 300 किलोमीटर दूरी के करीब 200 सीसीटीवी कैमरो को चैक करते हुए राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली राज्यो में दबिश दी। दिल्ली में इन आरोपियों तक पहुंचने में दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम का भी सहयोग रहा।