
चंदनसिंह देवड़ा/उदयपुर. सरकार चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लाख दावे करती है लेकिन आदिवासी अंचल के कई कस्बे ऐसे हैंं जहां पर अस्पताल में मूलभूत व्वस्थाएं तक नहींं है। बात उदयपुर जिले के सेमारी कस्बे की करें तो यहां पर मोर्चरी नहींं है ऐसे मेंं बारिश हो या गर्मी शव का खुले मेंं पोस्टमार्टम किया जाता है। शनिवार को भी सेमारी के पास बिजली टावर पर मजदूरी करने वाले व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई। साथी उसे तबीयत बिगड़़ने पर सेमारी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से उसे उदयपुर रेफर किया लेकिन रास्ते मेंं उसने दम तोड़़ दिया। इस पर साथी मजदूर उसे सेमारी अस्पताल ले आए जहां डाॅक्टरोंं ने खुले मेंं ही चद्दरों की आड़़ कर पोस्टमार्टम कर शव सुपुर्द कर दिया। यह आलम यहां आम है लेकिन सरकार और जिम्मेदार चिकित्सा विभाग मोर्चरी तक नहींं बनवा पाया है। मृतक मिथुन रॉय पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।