वाराणसी. इस आईपीएस अधिकारी ने अखिलेश व मायावती सरकार के गहरे राज को खोल दिया है। बुधवार को बनारस पहुंचे इस आईपीएस अधिकारी ने कहा कि जब वह खुद पुलिस का इतना बड़ा अधिकारी था और बनारस, फैजाबाद, बाराबंदी व अयोध्या में हुई आतंकी घटनाओं की बतौर एटीएस प्रभारी के रुप में जांच की थी। आतंकवादियों की हम लोगों ने गिरफ्तारी तक की थी लेकिन अखिलेश सरकार ने इन आतंकवादियों से मुकदमे हटाने का निर्देश जारी कर दिया था लेकिन शुक्र है कि कोर्ट ने इस निर्देश का पालन नहीं होने दिया।
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एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी बृजलाल ने शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में मीडिया से बातचीत में सपा व बसपा पर सनसनीखेज आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि बनारस के शीतला घाट पर बम विस्फोट हुआ था उसके बाद एटीएस का गठन किया गया था। इसके बाद शीतला घाट, संकट मोचन, फैजाबाद, अयोध्या आदि शहरों में आतंकवादियों ने ब्लास्ट किया था। हम लोगों ने बड़ी मेहनत करके आतंकवादियों को पकड़ा था लेकिन अखिलेश सरकार ने इन आतंकवादियों से मुकदमा हटाने का निर्देश जारी कर दिया। कोर्ट के आगे यह निर्देश फेल हो गया नहीं तो बहुत गलत होता।
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आतंकवादी मरा अपनी मौत और हम लोगों पर लगा दिया मर्डर का मुकदमा
एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष व पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि फैजाबाद से लाते समय आतंकवादी अपनी मौत मरा था और सरकार ने हम लोगों पर मर्डर का मुकदमा लगवा दिया। मेरे साथ पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह व दो एसपी पर भी मुकदमा दर्ज किया गया। हम लोगों ने प्राइवेट वकील करके मुकदमा लड़ा। यदि सरकार आगे भी रहती तो मर्डर के फर्जी मुकदमे में हम लोगों को नाप देती। केन्द्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ के लिए भेजा था लेकिन अखिलेश सरकार ने जाने नहीं दिया। तीन बार केन्द्र सरकार ने भेजे जाने के लिए पत्र लिखा था।
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मायावती सरकार में कहा गया था इन्हीं तीन मामलों में लिखा जाये दलित एक्ट में मुकदमा
पूर्व डीजीपी बृजलाल ने मायावती सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। कहा कि 20 मई 2007 को मैं एडीजी लॉ एंड आर्डर था उस समय बसपा सरकार ने कहा कि रेप, हत्या व हत्या का प्रयास हो तभी किसी के खिलाफ दलित एक्ट में मुकदमा लिखा जाये। वर्ना मुकदमा नहीं लिखा जाये। सरकार अंाकड़ों की बाजीगिरी करके दलितों पर हो रहे अपराध को कम करना चाहती थी। मेरा मानना है कि जनता को राहत महसूस होनी चाहिए। आंकड़े कुछ भी हो, यदि जनता का राहत नहीं मिलेगी तो सरकार से विश्वास ही उठा जायेगा।
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खत्म होनी चाहिए जातिवादी व्यवस्था, दलितों के घर भोजन करने से होगा लाभ
बीजेपी सरकार के मंत्रियों द्वार दलितों के घर भोजन के प्रश्र पर एससी-एसटी के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि हमारी सरकार करती है दिखाती नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ ने दलितों के घर भोजन करने की परम्परा शुरू की थी इससे बहुत लाभ होता है। समाज से जातिवादी व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। तभी विकास का लाभ समाज के पूरे तबके को मिलेगा।
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