
विदिशा। लटेरी में पदस्थ एडीजे रईस खान और उनका परिवार इंदौर से लटेरी आते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। न्यायाधीश के परिवार को समय पर न तो 108 एंबुलेंस की सुविधा मिल सकी और न ही ऑक्सीजन। किसी तरह निजी वाहनों में ऑक्सीजन की व्यवस्था कर न्यायाधीश और उनके परिवारजनों को भोपाल रेफर किया गया। इस हादसे में न्यायाधीश के पुत्र की मौत हो गई।
मधुसूदनगढ़ और विदिशा के ताजपुरा गांव के बीच न्यायाधीश रईस खान की कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। कार में रईस खान और उनकी पत्नी सहित तीन बच्चे बैठे थे। घायल बच्चों को तो राहगीरों की मदद से मधुसूदनगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए लाया गया। जहां डॉक्टरों द्वारा बच्चों का इलाज भी किया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल जज को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। बाद में बच्चों को भी प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। हालत नहीं सुधरने पर न्यायाधीश खान और उनके एक बेटे को ऑक्सीजन लगाकर भोपाल रेफर करना पड़ा।
मधुसूदनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. मुकेश शर्मा के अनुसार इस दुर्घटना में घायल जज के पुत्र रिजवान ने शाम को दम तोड़ दिया। इस हादसे में सबसे दु:खद पहलू यह रहा कि तमाम अधिकारियों द्वारा कई बार फोन करने के बाद भी घायलों के लिए 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। मजबूरी में निजी गाड़ियों में ऑक्सीजन लगाकर खान और उनके बेटे को रेफर करना पड़ा। पूरी घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जब एक जज के परिवार को एंबुलेंस नहीं मिल पाई तो आम नागरिकों का जिले में क्या हाल हो रहा होगा, इसका आप अंदाजा लगा सकते हैं।
Updated on:
26 Apr 2023 11:45 am
Published on:
26 Apr 2023 11:40 am
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