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Patrika Ground Report: सांदीपनि स्कूलों में नहीं है विषय शिक्षक, खोखले निकले वायदे, ट्रांसफर नीति ने किया ‘बेड़ागर्क’

Sandipani schools: सांदीपनि स्कूलों (CM Rise) को सरकार के बड़े-बड़े वादे फेल होते हुए नजर आ रहे है। विदिशा के स्कूलों में विषय शिक्षक तक नहीं। हजारों छात्रों की पढ़ाई संकट में, भवन अधूरे पड़े हुए हैं। (subject teacher crisis)

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Sandipani schools CM Rise subject teacher crisis patrika ground report vidisha

Sandipani schools CM Rise subject teacher crisis patrika ground report vidisha (फोटो सोर्स- sandipanischools.org)

subject teacher crisis: सांदीपनि स्कूलों (Sandipani schools) में वि‌द्यार्थियों को हाई क्वालिटी शिक्षा और मॉडर्न बुनियादी सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां शिक्षकों की पहले से ही कमी थी। हाल ही में शिक्षकों के ट्रांसफर से शिक्षा व्यवस्था और चरमरा गई है। जिले में एक भी सांदीपनि स्कूल का भवन तैयार नहीं होने से पुराने भवनों में अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि कुछ स्कूलों में तो एक भी विषय शिक्षक नहीं है। हजारों वि‌द्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले के सभी सांदीपनि स्कूलों पर पत्रिका की ग्राउंड रिपोर्ट…(patrika ground report)

हिंदी और जीव विज्ञान पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं

विदिशा जिला मुख्यालय के सांदीपनि स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं में हिंदी व जीव विज्ञान पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। यहां 864 विद्यार्थी अध्ययनरत है। यहां पढ़ाने के लिए 50 शिक्षकों की जरूरत है। लेकिन सिर्फ 33 नियमित शिक्षक ही पदस्थ हैं। प्राइमरी में दो शिक्षकों की कमी है। वहीं, कक्षा 9वीं और 10वीं में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत के एक-एक शिक्षक की कमी है। इसी तरह 11वीं और 12वीं में हिंदी व जीव विज्ञान के एक-एक शिक्षक की कमी है। स्कूल से 23 शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ, लेकिन उनके स्थान पर सिर्फ 16 शिक्षक ही आए हैं।

कुरवाई से 17 शिक्षक गए लेकिन पांच आए, 30 शिक्षकों की कमी

सांदीपनि स्कूल कुरवाई से 17 शिक्षक ट्रांसफर हुए, लेकिन सिर्फ पांच नए शिक्षक ही आए। ऐसे में वि‌द्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 1515 विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से यहां 50 शिक्षकों की जरूरत है। लेकिन वर्तमान में यहां सिर्फ 20 नियमित शिक्षक पदस्थ है। फिलहाल रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के बाद ही सभी विषयों की कक्षाओं में नियमित रुप से शिक्षण शुरु हो सकेगा।

संस्कृत, अंग्रेजी व सामाजिक विज्ञान पढ़ाने शिक्षक नहीं

सांदीपनि स्कूल सिरोंज में 1750 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां 6वीं से 8वीं तक हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी व सामाजिक विज्ञान पढ़ाने एक भी शिक्षक नहीं हैं। स्कूल में 75 शिक्षकों की जरूरत है लेकिन यहां सिर्फ 35 शिक्षक ही पदस्थ हैं। स्कूल से 12 शिक्षक स्थानांतरण होकर चले गए। लेकिन उनके स्थान पर सिर्फ 4 शिक्षक ही आए। 6वीं से 8वीं तक कुल 8 शिक्षकों की कमी है। 9वीं से 10वीं तक हिंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, अंग्रेजी के तीन-तीन शिक्षकों की कमी है। इसी तरह 11वीं से 12वीं तक भूगोल, राजनीति व अर्थशास्त्र के 2-2 शिक्षक कम हैं।

छोटे बच्चों की नींव हो रही कमजोर

सांदीपनि स्कूल गंजबासौदा में कक्षा 5वीं तक 7 शिक्षकों की कमी है। जॉइंट कक्षाएं लगाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। इससे छोटे बच्चों की नींव कमजोर हो रही है। स्कूल में कुल 1101 वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिन्हें पढ़ाने 53 शिक्षकों की आवश्यकता है। लेकिन यहां सिर्फ 31 शिक्षक ही कार्यरत है। स्कूल के प्राचार्य महेन्द्र रघुवंशी ने बताया कि प्री प्राइमरी में 3, प्राइमरी 4, कक्षा 6वीं से 10वीं में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, विज्ञान पढ़ाने एक-एक शिक्षक की कमी है। वहीं 11वीं व 12वीं में अंग्रेजी विषय पढ़ाने के लिए एक शिक्षक की और आवश्यकता है। यहां से 3 शिक्षक स्थानांतरित हुए थे। उनके स्थान पर दूसरे शिक्षक आ गए हैं।

लटेरी में रसायन और जीव विज्ञान के शिक्षक ही नहीं

सांदीपनि स्कूल लटेरी में 1743 वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिन्हें पढ़ाने
के लिए 50 शिक्षकों की आवश्यकता है। लेकिन 32 शिक्षकों द्वारा ही जैसे तैसे अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। वर्ग दो में अंग्रेजी के तीन शिक्षक कम हैं। वहीं यहां रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान पढ़ाने एक भी शिक्षक नहीं हैं। इसी तरह वर्ग-1 में हिंदी में 2 शिक्षक कम है। अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान व उर्दू में 1-1 शिक्षक कम हैं। वर्ग दो में गणित व विज्ञान में 3-3, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, गणित, 2-2 शिक्षक कम हैं। वहीं प्राइमरी में 3 शिक्षक कम हैं।

भौतिकी व गणित पढ़ाने शिक्षक नहीं

सांदीपनि स्कूल ग्यारसपुर में भौतिकी और गणित पढ़ाने एक भी शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में यहां वर्ग दो के गणित के शिक्षक दोनों विषयों को पढ़ा रहे हैं। स्कूल में 2100 वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिन्हें पढ़ाने के लिए 60 शिक्षकों की जरूरत है। लेकिन यहां सिर्फ 35 शिक्षक ही पदस्थ हैं। कुल 25 शिक्षकों की कमी है। हाल ही में यहां से 7 शिक्षक स्थानांतरित होकर गए। स्कूल में प्री प्राइमरी में 4, 6वीं से 10वीं तक सामाजिक विज्ञान के 4, हिंदी, संस्कृत व अंग्रेजी के 2-2, 11वीं और 12वीं अर्थशास्त्र, राजनिति, इतिहास, भौतिकी और गणित में 1-1 शिक्षक कम हैं।

नटेरन में शिक्षकों की कमी

सांदीपनि स्कूल नटेरन में 774 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिन्हें पढ़ाने के लिए 30 नियमित शिक्षकों की आवश्यकता है। लेकिन यहां 22 शिक्षक ही पदस्थ हैं। ऐसे में यहां भी अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां से ट्रांसफर हुए दो शिक्षकों की स्थान पर कोई दूसरा शिक्षक नहीं आया। फिलहाल यहां प्री प्राइमरी में 2 दो शिक्षक कम है। इसी तरह हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान के दो-दो शिक्षक कम हैं।