OMG! देश का ऐसा VIP पेड़, जिसकी सुरक्षा पर लगे रहते है कई गार्ड,खर्च होते हैं लाखों रुपए

  • रायसेन जिले में मौजूद इस पेड़ का संबंध भगवान बुद्ध से जुड़ा है
  • स्थल स्थल को विश्व भर में बौद्ध धर्म के अनुयायियों का आस्था का केंद्र माना जाता है

By: Pratibha Tripathi

Updated: 27 Jan 2021, 04:40 PM IST

नई दिल्ली। देश में तेजी से फैल रही प्रदूषण की समस्या को देखते हुये जगह जगह पर वृक्षारोपण किए जाने के संदेश दिए जाते है। जिसके लिए तरह तरह का प्रचार प्रसार तक किया जाता है। इनमें से कुछ पेड़ ऐसे होते है जो कई वर्षों तक चलते है और दिनरात हमें शुद्ध वातावरण प्रदान करते है। और कुछ पेड़ पौधे ऐसे भी होते ही जिन्हें बचाने का प्रयास किया जाता है लेकिन पेड़ों की सुरक्षा में 24 घंटे सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहे, तो यह सोचने वाली बात हो जाती है जीं हां यह बात सच है कि मध्यप्रदेश के रायसेन जिले की पहाड़ी पर मौजूद ये पेड़ अपने आप में अनोखा है किसी वीआईपी व्यक्ति की तरह इस पेड़ को काफी सुरक्षा दी जाती है। इतना ही नही इस पेड की जरूरत इतनी है कि इसका पत्ता भी टूटकर गिरता है तो प्रशासन की टेंशन बढ़ जाती है। सबसे हैरानी की बात यह भी है कि पेड़ पर यदि कुछ समस्या दिखती है तो इसका मेडिकल चेकअप किया जाता है।

15 फीट ऊंची जालियों से घिरे पेड़ के पास की परिंदा भी पर नही मार सकता क्योंकि इसके चारों ओर पुलिस के जवान पेड़ की सुरक्षा में खड़े रहते है। इस पेड़ की खास सुरक्षा को देखते हुए लोग वीवीआईपी पेड़ के नाम से जानने लगे हैं। लेकिन इसकी कड़ी सुरक्षा को देख सभी के दिमाग में यह प्रश्र जरूर उठता है कि इस पेड़ की इतना खास क्यों हैं?

सरकार रखती है खास ख्याल
इस पेड़ की खास देख-रेख उद्यानिकी विभाग से लेकर राजस्व, पुलिस और सांची नगरपरिषद मिलकर करते हैं. ये सभी विभाग इस बोधि वृक्ष का ध्यान रखने के लिए हमेशा अलर्ट मोड में रहते हैं. यही वजह है कि यहां जवानों की तैनाती भी की गई है।

12 से 15 लाख का खर्चा आता है
इस पेड़ की सुरक्षा एंव रखरखाव में हर साल करीब 12 से 15 लाख का खर्चा आता है। इसकी सुरक्षा में 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं। पेड़ को पानी देने के लिये विशेष तौर पर स्थानीय प्रशासन का टैंकर आता है. पेड़ किसी तरह की बीमारी का शिकार न हो जाए. इसके लिए वक्त-वक्त पर कृषि अधिकारी भी यहां का दौरा करते रहते हैं।

भगवान बुद्ध से जुड़ा है पेड़ का कनेक्शन

अब आप जानना चाहेंगे कि इस पेड़ में ऐसी क्या बात है जो जिसके लिए इतने खास इंतजाम किये गये हैं? दरअसल, साधारण सा दिखने वाला यह पेड़ बोधि वृक्ष के परिवार का हिस्सा है जिसके नीचे बैठकर महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था. यह बोधिवृक्ष 21 सितंबर 2012 को तत्कालीन श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने खुद रोपित किया था।इस पेड़ को रोपने के लिए राजपक्षे उस पेड़ की शाखा लाए थे, जो बोध गया के बोधिवृक्ष की शाखा से लंका में रोपा गया था।यही वजह है कि ये पेड़ देश के सबसे वीआईपी पेड़ों में शुमार हो गया।

Pratibha Tripathi
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