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यहां आज भी जारी है ‘काला जादू’ का साम्राज्य, जानिए रहस्यमयी विद्याओं का रहस्य

आज विज्ञान ने काफी हद तक तरक्की कर ली है। जमाना पहले के मुकाबल काफी बदल गया है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी है जो सदियों से चली आ रही है। इनमें से एक चीज है काला जादू। काला जादू का नाम सामने आते ही अपने दिमाग में बंगाल राज्य की छवी घूमने लगती है।

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black magic facts

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आज विज्ञान ने काफी हद तक तरक्की कर ली है। जमाना पहले के मुकाबल काफी बदल गया है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी है जो सदियों से चली आ रही है। इनमें से एक चीज है काला जादू। काला जादू का नाम सामने आते ही अपने दिमाग में बंगाल राज्य की छवी घूमने लगती है। देश में नही बल्कि विदेशों में यानी अफ्रीका का काला जादू वूडू नाम से जाना जाता है। आज के समय में इस पर लोग बहुत कम विश्वास करते है। लेकिन देश के कई जगहों पर आज भी काले जादू का साम्राज कायम है।


यहां आज भी होता है काला जादू
आज कुछ यह सुनने को मिलता है कि अपने स्वार्थ के लिए तरीके अपनाते है जिसमें से कुछ लोग काले जादू का भी सहारा लेते है। इससे वे दूसरों को नुकसान पहुंचे है। आप को बता दें कि कोलकाता का ये निमतला काले जादू के लिए बंगाल हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है। ऐसा कहा जाता हैं कोलकाता के निमतला घाट पर बड़े स्तर पर तंत्र साधना की जाती है और बहुत से लोग इस इस जगह बहुत सिद्धधी प्राप्ति के लिए भी वहां जाते हैं। मूठकर्णी विद्या, वशीकरण, स्तंभन, मारण, भूत-प्रेत टोने और टोटके यह सब काले जादू के अंदर आते हैं। तांत्रिक विद्या के नाम से भी काले जादू को जाना जाता है।

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जानवरों के अंगों का उपयोग
अफ्रीका का काला जादू 'वूडू' नाम से जाना जाता है। इसमें जानवरों के शरीर के हिस्से व पुतले का इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य लोगों के लिए आज भी ये विद्या एक रहस्य है। आप आपको काला जादू से जुड़े रहस्य बताने जा रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि वूडू में मुख्य तौर पर जानवरों के अंगो का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें जानवरों के अंगों से समस्या समाधान का दावा किया जाता है। इस जादू से पूर्वजों की आत्मा किसी शरीर में बुलाकर भी अपना काम करवा सकते हैं। इसके अलावा दूर बैठे इंसान के रोग व परेशानी के इलाज के लिए पुतले का भी उपयोग किया जाता है। वूडू जानने वालों का मानना है कि इस धरती पर मौजूद हर जीव शक्ति से परिपूर्ण है। इसलिए उनकी ऊर्जा का उपयोग करके बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। वूडू में जानवरो जैसे की बंदर, मगरमच्छ, बकरी, ऊंट, लंगूर, छिपकली, तेंदुए आदि के अंग उपयोग में लाए जाते हैं।

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दूर होते है रोग और परेशानियां
लोगों के रोग और परेशानियां दूर करने के लिए वूडू का उपयोग करते थे। लेकिन वूडू को जब गलत रूप से उपयोग करना शुरु कर दिया तो उसका नाम काला जादू पड़ गया। इस दौरान इंसान के शरीर में मरे हुए इंसान की प्रेतात्मा को बुलाया जाता है और अपने स्वार्थ के लिए दूसरे लोगों के शरीर में डाला जाता है। गुड़िया जैसा पुतला इस प्रक्रिया में इस्तेमाल करते हैं। बेसन, उड़द की दाल और आटे जैसे खानों की चीजों से इस पुतले को बनाते हैं। इसके बाद इसमें जान डालने के लिए मंत्र फूके जाते हैं। उसके बाद काला जादू जिस पर भी करना होता है पुतले को जागृत उस नाम को लेकर किया जाता है।