
हजारों साल बाद के जमाने के बारे में धड़ल्ले से बात कर रही है यह महिला, किया ऐसा खुलासा सुन वैज्ञानिकों के उड़ गए होश
नई दिल्ली।समय यात्रा भविष्य में यात्रा करने का एक व्यवहारिक तरीका है इसके माध्यम से लोग आने वाले समय या काल की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों के लिए टाइम ट्रेवल आज भी महज एक बहस का मुद्दा ही है। इस बारे में अभी भी निश्चयता के साथ कुछ बता पाना संभव नहीं है, लेकिन दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो इस बात का दावा कर चुके हैं कि वे भविष्य का दौरा कर चुके हैं।
फिनलैंड की रहने वाली क्लोई नामक महिला भी कुछ ऐसा ही दावा कर रही है। क्लोई का ऐसा कहना है कि वो साल 6,000 का दौरा करके आई है। अपने समय यात्रा के अनुभवों को शेयर करते हुए फिनलैंड की इस महिला ने कहा है कि, साल 4,529 में कुछ ऐसी घटनाएं होगी जिसकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
क्लोई अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहती है कि, साल 4,529 में धरती पर डायनासोर लौट आएंगे। उन्हें चिड़ियाघर में बंद करके रखा जाएगा। क्लोई ने दावा किया है कि, उस काल में डायनासोर उस हद तक खतरनाक नहीं होंगे जैसा कि आज के दौर में लोग उन्हें समझते हैं।
क्लोई का ऐसा कहना है कि, पहले वह इस दौरे के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन 3 अगस्त, 1966 वो आखिरकार इस चीज के लिए राजी हो गई। टाइम ट्रेवल के लिए उन्हें सबसे पहले एक कुर्सी पर बैठाया गया जहां उसके हाथों और पैरों को फिक्स कर दिया गया और अंत में सिर पर एक धातु की ट्यूब लगाई गई। इसके बाद विद्युत के एक प्रवाह को उनकी बॉडी में प्रवाहित किया गया जिससे क्लोई बेहोश हो गई।
क्लोई आगे कहती है कि, जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने खुद को किसी सड़क के बीचोंबीच पाया। उन्हें पता चल चुका था कि अब वो वर्ष 6,000 में आ चुकी है। क्लोई उस जमाने की वर्णना देते हुए कहती है कि, वहां गगनचुंबी इमारतें थी और इसके साथ ही चारों ओर हरियाली भी थी।
वहां रोकलोरुलो नाम का एक प्राचीन पौधा भी था। आज से करोड़ों साल पहले जब कभी डायनासोर धरती पर थे, उस समय वे इसी पौधे को खाया करते थे।साल 6,000 में इस पौधे को पुनर्जीवित किया गया था।
क्लोई एक और दिलचस्प तथ्य का खुलासा करती है और वह ये कि भविष्य में पेट्रोल, गैस जैसी कोई भी ऐसी चीज नहीं होगी जिससे कि वातावरण प्रदूषित होता है बल्कि हर जगह इलेक्ट्रिक करंट ही होगी।
फिनलैंड की इस महिला ने इस बात का भी खुलासा किया है कि, वर्ष 2,300 आते-आते पुलिस कर्मी जैसा कोई भी पेशा नहीं होगा क्योंकि उस जमाने में लोग खुद ही अपराधियों के बारे में आसानी से जान सकेंगे और ऐसा इसलिए संभव होगा क्योंकि उस समय पैदा होते ही लोगों की आंखों में एक चिप डाल दिया जाएगा जो इस काम में उनकी मदद करेगा।क्लोई ने अब तक जो कुछ भी कहा वह वाकई में बेहद दिलचस्प है, लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है इस बारे में वैज्ञानिकों ने अब तक कोई खुलासा नहीं किया है।
Published on:
16 Nov 2018 11:27 am
