
4 साल की हो चुकी हैं एकलौती 'जीवित देवी', आखें हैं गौ माता की तरह और शेर जैसी...
नई दिल्ली। नेपाल में रहने वाली एक 7 साल की युनिका विश्व में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि इस बच्ची को देवी का अवतार माना जा रहा है। पिछले साल एक तीन वर्षीय लड़की का हिंदू पुजारियों द्वारा काठमांडू की नई "जीवित देवी" के रूप में अभिषेक किया गया था और नेपाली राजधानी के ऐतिहासिक केंद्र में एक महल में ले जाया गया था, लोगों की मानें तो यहां वह युवावस्था तक पहुंचने तक रहेगी। एक छोटी सी पोशाक पहनने के लिए नई कुमारी या जीवित देवी लाल पोशाक पहने हुए तृष्णा शाक्य को अपने घर से प्राचीन दुरबार स्क्वायर में ले जाया गया था। उसके पिता उसे कोबल्ड स्क्वायर में ले गए थे- जो अभी भी 2015 में आए शक्तिशाली भूकंप के निशान लिए ध्वस्त चित बैठा था- जीवित देवी मंदिर-महल में जहां वह विशेष रूप से नियुक्त अभिभावकों की देखभाल में रहती है।' देवी के रूप को यहां कुमारी बुलाया जाता है, कुमारी को इस देश में रहने वाली देवी जैसा आदर दिया जाता है। कुमारी को खास मौकों को छोड़कर अपने घर को छोड़ने की इजाजत नहीं है।
जानकारी के लिए बता दें कि, जीवित देवी को 12 वीं और 18 वीं शताब्दी के बीच नेपाल पर शासन करने वाले मल्ला राजाओं की वंश देवी, देवी तालेजू का अवतार माना जाता है, जब तक वह युवावस्था तक नहीं पहुंच जाती तब तक उनकी स्थिति कायम रहेगी। कुमारी शब्द संस्कृत के कौमार्य से लिया गया है, जिसका अर्थ है "राजकुमारी"। कुमारी की जगह पाने के लिए बच्ची की आंखें सही, दांत होना चाहिए, शरीर पर कोई निशान नहीं होना चाहिए और उन्हें कुमारी होने के लिए धैर्य रखना आना चाहिए। यह अभ्यास शाही परिवार से जुड़ा हुआ था, बता दें कि, 2008 में नेपाल के हिंदू राजशाही के अंत के बावजूद जारी रहा है। महत्वाकांक्षी कुमारियों के लिए चयन मानदंड सख्त हैं और इसमें कई विशिष्ट भौतिक विशेषताओं जैसे एक निर्विवाद शरीर, शेर की तरह छाती शामिल है और एक हिरण की तरह जांघों का होना भी ज़रूरी है।
Updated on:
18 Oct 2018, 11:11 AM IST
Published on:
2 Oct 2018, 5:05 PM IST
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