
Health news : Bihar Woman Gets Pregnant After Sterilisation
Health news : Bihar Woman Gets Pregnant After Sterilisation : बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड में नसबंदी के बाद गर्भवती होने का मामला सामने आया है। अब स्वास्थ्य विभाग इसकी जांच कर उचित कारवाई करने की बात कर रहा है। विभाग का कहना है कि इसकी जांच एक कमेटी करेगी।
यह मामला छापा पंचायत के कोडवाडीह के रहने वाली रेखा देवी का है। रेखा देवी पहले से ही दो पुत्र और दो पुत्री की मां है। बीते वर्ष17 नवम्बर को रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन को लेकर शिविर लगाया था। इसमें रेखा देवी ने बंध्याकरण ऑपरेशन (bihar Woman Gets Pregnant) करवाया और उसके बाद वह अपने घर चली गईं थी। महिला को बीते दो माह के बाद पता चला कि वह फिर से गर्भवती हो गई। महिला ने अल्ट्रासाउंड भी करवाई, इसमें दो माह की गर्भवती होने की बात सामने आई। महिला अपने पति के साथ अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेकर अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा रही है।
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उधर, जमुई के सिविल सर्जन कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया कि यह एक ऑपरेशन है, इसमे एक प्रतिशत असफल होने की गुंजाइश रहती है। जमुई में भी ऐसा मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिला में इसके लिए एक समिति है जो मामले की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मुआवजे का भी प्रावधान है। दंपति की इच्छा अनुसार आगे की कारवाई की जाएगी।
महिला नसबंदी कैसे होती है - Mahila nasbandi kaise hoti hai
आमतौर पर नसबंदी का ऑपरेशन जनरल एनेस्थेटिक देकर किया जाता है किंतु लोकल या रीजनल एनेस्थेटिक देकर भी यह ऑपरेशन किया जा सकता है। अधिकांश महिलाओं में यह ऑपरेशन लैप्रोस्कोप एक विशेष टेलिस्कोप की मदद से किया जाता है।
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लैप्रोस्कोप को आपके पेट में एक छोटा सा छेद करके अंदर डाला जाता है। लैप्रोस्कोप से सर्जन ये देखते हैं कि ऑपरेशन सही हो रहा है। इसके बाद एक ओर छोटा चीरा लगा कर ट्यूब को अवरुद्ध करने का उपकरण डाला जाता है। इसके लिए कई तरीकों का उपयोग किया जाता है। अक्सर ट्यूब में क्लिप या रिंग को लगाया जाता है। ये क्लिप या रिंग ट्यूब में अवरोध पैदा करके अंडे को स्पर्म के साथ मिलने से रोकते हैं।
कुछ महिलाओं में थोड़ा बड़ा चीरा लगा कर पारंपरिक तरीके से ऑपरेशन करने की जरुरत होती है। यह तब अधिक जरुरी होता है जब उनको पहले भी कई ऑपरेशन हुए हो या मोटापा हो तो लेप्रोस्कोपी में जोखिम हो सकता है। इस तरह के ऑपरेशन को मिनी-लैपरोटोमी कहा जाता है।
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अगर फेलोपिन ट्यूब को अवरुद्ध करने से काम नहीं बनता है तो ट्यूब का एक हिस्सा या फिर पूरी ट्यूब निकाली जा सकती है। इसे “सल्पीनजेक्टोमी” (salpingectomy) कहा जाता है।
नसबंदी जब सिजेरियन डिलीवरी के लिए चीरा लगाया जाता है तब भी की जा सकती है। बच्चा पैदा होने के बाद यह ऑपरेशन किया जा सकता है।
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Vasectomy Advantages: पुरुषों में नसबंदी करवाने के फायदे
पुरुषों में नसबंदी करवाना अनचाही प्रेगनेंसी से 99 प्रतिशत तक बचाव देता है.
नसबंदी से पुरुषों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव दिखने काफी दुर्लभ हैं.
नसबंदी करवाने से पुरुषों के हॉर्मोन लेवल, शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा और यौन संबंध में कोई परेशानी नहीं आती है.
पुरुषों की तरह महिलाएं भी नसबंदी को एक सुरक्षित गर्भनिरोधक के विकल्प में अपना सकती हैं.
Updated on:
14 Jul 2023 04:04 pm
Published on:
14 Jul 2023 04:03 pm
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