
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। फोटो: वाशिंगटन पोस्ट
Trump Putin Alaska Summit: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित बैठक के लिए अलास्का (Alaska diplomatic summit) में ज़बरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। यह शिखर सम्मेलन (Trump Putin Alaska Summit) राज्य की सबसे बड़ी सैन्य छावनी ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में आयोजित होगा, जो रूस की सीमा से सिर्फ़ 1,000 मील दूर स्थित है। इस शिखर सम्मेलन (Trump Putin meeting) को लेकर सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। अमेरिकी और रूसी सुरक्षाकर्मियों की संख्या और तैनाती को एक बराबर रखा गया है। जहां एक ओर अमेरिकी सीक्रेट सर्विस सुरक्षा घेरा संभाले हुए है, वहीं रूसी एजेंट पुतिन (US Russia talks) की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखे हुए हैं। नियम है कि दोनों पक्षों के सुरक्षाकर्मी न तो एक-दूसरे के वाहन में चढ़ेंगे, न दरवाज़ा खोलेंगे।
एंकोरेज के एक स्थानीय रियल एस्टेट एजेंट ब्यू डिस्ब्रो को जब सीक्रेट सर्विस और रूसी वाणिज्य दूतावास दोनों से कॉल आए, तो उन्हें यकीन नहीं हुआ। उनके किराए के ज़्यादातर मकान पहले ही बुक थे, लेकिन उन्होंने कुछ सैनिकों को एक साथ ठहराने का इंतज़ाम कर लिया। स्थानीय होटल और किराये की कारें पूरी तरह भर चुकी हैं। कॉफी शॉप से लेकर पार्किंग तक, हर जगह सादे कपड़ों में एजेंट तैनात हैं।
इस सम्मेलन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी और संसाधन अलास्का भेजे गए हैं। निचले 48 राज्यों से विमानों द्वारा एसयूवी और अन्य वाहन लाए गए हैं। ट्रंप और पुतिन के काफिले को अलग-अलग और पूरी सुरक्षा के साथ संचालित किया जा रहा है।
हर शिष्टाचार में समानता रखी जा रही है—भाषा अनुवादकों से लेकर प्रतीक्षा कक्ष तक। जिस कमरे में ट्रंप बैठेंगे, वैसा ही कमरा पुतिन के लिए भी तैयार किया गया है। अगर एक मीटिंग रूम के बाहर 10 अमेरिकी एजेंट तैनात हैं, तो ठीक उतने ही रूसी एजेंट भी मौजूद रहेंगे।
ट्रंप ने इस बैठक को यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक प्रयास बताया है। उन्होंने संकेत दिया है कि इस वार्ता में क्षेत्रीय सीमाओं को लेकर समझौता भी हो सकता है। दूसरी ओर, पुतिन ने ट्रंप की शांति पहल की सराहना की है और हथियार नियंत्रण को लेकर सहयोग बढ़ाने की बात कही है।
जहां एक ओर अलास्का की सरकार होटल और यातायात जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां इस ऐतिहासिक मुलाकात को सफल बनाने में जुटी हैं। यह सम्मेलन न सिर्फ़ अमेरिका-रूस संबंधों की दिशा तय करेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति पर भी गहरा असर डालेगा।सहयोग के साथ-साथ एक नई हथियार नियंत्रण संधि का वादा भी किया है।
Updated on:
17 Aug 2025 12:11 pm
Published on:
15 Aug 2025 12:45 pm
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