7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्राज़ील बना चीन का सोयाबीन सप्लायर, अमेरिकी किसान बेचैन

डोनाल्ड ट्रंप के 'टैरिफ वॉर' के बीच अब ब्राज़ील ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे अमेरिकी किसान बेचैन हो गए हैं। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Aug 23, 2025

Soybean prices in MP increased by more than 400 rupees

एमपी में भावांतर योजना में सोयाबीन का रेट बढ़ा (Representational Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'टैरिफ वॉर' के बीच ब्रिक्स देशों ने अमेरिका पर आर्थिक दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। रूस और चीन पहले ही भारतीय सामान के लिए अपने बाजार खोल चुके हैं और अब चीन भी सोयाबीन खरीदने के लिए अमेरिका को छोड़कर ब्राज़ील का रुख कर रहा है। इससे अमेरिका के किसानों को बड़ा झटका लगने वाला है। गौरतलब है कि भारत, रूस, चीन और ब्राज़ील, चारों ही ब्रिक्स के सदस्य देश हैं और ट्रंप के टैरिफ के पूरी तरह से खिलाफ हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन खरीददार है चीन

चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन खरीदार है। पहले चीन, अमेरिका से बड़ी मात्रा में खरीद करता था, लेकिन अब उसने रुख बदला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सितंबर-अक्टूबर के लिए चीन ने अमेरिका से एक भी टन सोयाबीन का कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया है।

अमेरिकी किसानों ने लिखी ट्रंप को चिट्ठी

चीन के इस फैसले से अमेरिकी किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। सोयाबीन किसानों ने राष्ट्रपति ट्रंप को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि वो अपने सबसे बड़े ग्राहक यानी चीन को खोने की स्थिति में लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे।

ब्राजील से खरीद में 90% का उछाल

जुलाई में चीन ने अमेरिका से सिर्फ 4.2 लाख टन सोयाबीन खरीदा, जो पिछले साल की तुलना में 11% कम है। वहीं ब्राज़ील से सोयाबीन आयात में भारी उछाल देखा गया है। केवल पिछले महीने ही चीन के कुल सोयाबीन आयात में से लगभग 90% ब्राज़ील से आया, जबकि अमेरिका का हिस्सा सिर्फ 4% रह गया। चीन-ब्राज़ील के रिश्ते भी मजबूत हो रहे हैं। चाइनीज़ राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से बातचीत के बाद कहा था कि चीन, ब्राज़ील के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा का समर्थन करता है।