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Iran-Israel War: ईरान पर जमीनी हमले से पहले मिले सेंटकॉम और IDF चीफ, खतरनाक प्लान पर चल रहा काम

ईरान पर जारी हमले के बीच अमेरिका के सेंटकॉम प्रमुख और इजरालयी सेना प्रमुख के बीच मुलाकात हुई है। यह मुलाकात कई वजहों से अहम मानी जा रही है।

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IDF चीफ एयाल जमीर (X)

Iran-Israel War: ईरान-इजरायल जंग को 1 महीना बीत गया है। दोनों ओर से हमले अभी भी जारी हैं। ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर कलस्टर बम से हमला किया है। वहीं, अमेरिका और इजरायल भी लगातार ईरान पर बम बरसा रहे हैं। अब खबर सामने आ रही है कि अमेरिका ईरान में जमीनी लड़ाई की तैयारी में जुटा है। 10 हजार सैनिक मध्य पूर्व में पहुंच रहे हैं।

माना जा रहा है कि अमेरिका सेना ईरान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग या किसी अन्य आईलैंड पर कब्जा कर सकती है। इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर इजरायल पहुंचे हैं। उन्होंने तेल अवीव में इजरायली सेना के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर से मुलाकात की है।

दोनों सैन्य कमांडरों के बीच क्या हुई बातचीत

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों सैन्य कमांडरों के बीच दो मुद्दों पर बातचीत हुई। पहला मिडिल ईस्ट में जारी जंग की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर बात हुई। दूसरा, ईरान की हथियार बनाने की क्षमता को कैसे पूरी तरह से नष्ट किया जा सके। इजरायल और अमेरिका की यह चाहत है कि ईरान अब कभी भविष्य में मिसाइल व परमाणु बम बनाने की स्थिति में न हो।

ईरान का भारी जल संयंत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त, संचालन बंदः IAEA

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि मध्य ईरान के खोंडाब में स्थित ईरान का भारी जल उत्पादन संयंत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और अब चल नहीं रहा है। IAEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सैटेलाइट तस्वीरों के स्वतंत्र विश्लेषण और संयंत्र की जानकारी के आधार पर आईएईए ने खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र की पुष्टि की है, जिस पर ईरान ने 27 मार्च को हमले की सूचना दी थी। संयंत्र को गंभीर क्षति पहुंची है और अब यह परिचालन में नहीं है। संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं है।" सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है।

खोंडाब स्थित जल उत्पादन संयंत्र पर हुआ था हमला

27 मार्च को आईएईए ने कहा कि उसे ईरान से सूचित किया गया था कि खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र पर हमला हुआ था, लेकिन उसने पुष्टि की कि रेडिएशन का कोई खतरा नहीं पाया गया। ये हमले 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच हुए हैं। शनिवार को इससे पहले, आईएईए ने पुष्टि की कि ईरान ने खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र सहित प्रमुख सुविधाओं पर नए हमलों की सूचना दी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एजेंसी ने घोषणा की कि आईएईए को ईरान से जानकारी मिली है कि खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र पर भी आज हमला हुआ है। संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री न होने के कारण रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है।